कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज
Uttarakhand Politics: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह राज्यपाल गुरमीत सिंह से मुलाकात की। इस बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह मुलाकात प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के एक दिन बाद हुई, जो शहरी विकास मंत्री थे। अग्रवाल के इस्तीफे के बाद अब सरकार पर नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल करने का दबाव बढ़ गया है।
कैबिनेट विस्तार की संभावना
फिलहाल उत्तराखंड मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हैं, जिनमें से चार पिछले तीन वर्षों से रिक्त थे और एक पद प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ है। इन खाली पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री धामी जल्द ही कैबिनेट विस्तार की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, कैबिनेट विस्तार के संबंध में उन्होंने कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। इसके बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात संभावित कैबिनेट विस्तार से जुड़ी हो सकती है।
संसदीय कार्य मंत्री का पद भी खाली
प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद संसदीय कार्य मंत्री का पद भी रिक्त हो गया है। इसके अलावा, कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है।
विपक्ष का हमला
मुख्यमंत्री धामी की राज्यपाल से मुलाकात के बाद विपक्ष भी सरकार पर सवाल उठाने लगा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि तीन वर्षों से खाली पड़े मंत्री पदों को अब तक क्यों नहीं भरा गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को कमजोर कर रही है और कैबिनेट विस्तार में ज्यादा समय लगा रही है।
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Uttarakhand Politics: अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के अगले कदम पर हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि वे कब और किन नए चेहरों को अपनी टीम में शामिल करते हैं.
