CM Dhami Ekta Padayatra launch : उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य में एकता पदयात्रा का शुभारंभ किया। इस पदयात्रा का उद्देश्य सभी को एकजुट होकर विकास और सद्भाव की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल जी की तरह हम सबको देश और समाज की एकता बनाए रखना होगा।
नशा मुक्त उत्तराखण्ड की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी से नशा मुक्त उत्तराखण्ड बनाने की शपथ लेने को कहा। उन्होंने नशे के खिलाफ सरकार के कड़े कदमों का उल्लेख करते हुए बताया कि नशा मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसमें युवाओं को जागरूक करना और मादक पदार्थों की तस्करी पर कठोर कार्रवाई करना शामिल है। उन्होंने नशे को युवा शक्ति की सबसे बड़ी बाधा बताया।
ड्रग फ्री देवभूमि मिशन 2025
धामी सरकार ने ‘ड्रग फ्री देवभूमि मिशन 2025’ के तहत राज्य को जल्द नशा मुक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम तेज किया है। पुलिस और अन्य एजेंसियां मादक पदार्थों की तस्करी रोकने एवं नशे के विरुद्ध प्रतिबंध मजबूत करने में लगी हैं। प्रदेश में नशा मुक्ति केन्द्र बनाए जा रहे हैं जो पुनर्वास के साथ-साथ कौशल विकास भी करेंगे।
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सामाजिक जागरूकता का महत्व
मुख्यमंत्री ने नागरिकों और युवाओं से अपील की कि वे नशा के विरुद्ध जागरूकता फैलाएं और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति न केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर है, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है कि वह युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाए। शिक्षा संस्थानों में भी इस दिशा में परामर्श और अभियान चलाए जा रहे हैं।
सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तराखण्ड में एकता और नशा मुक्त समाज के लिए कदम उठाना एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह प्रयास राज्य में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाएगा। नशा मुक्त उत्तराखण्ड की शपथ से युवा नई दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे और प्रदेश विकास के पथ पर मजबूती से कदम बढ़ाएगा।
इस पदयात्रा और नशा मुक्ति अभियान से उत्तराखण्ड के युवाओं को नई उम्मीद मिलेगी और प्रदेश भ्रष्टाचार एवं नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर समृद्धि की ओर अग्रसर होगा।
