CM Dhami Khatgodam disaster relief: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काठगोदाम में जिला अधिकारियों और संबंधित विभागाध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा के लिए आयोजित की गई। सीएम ने विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था तथा मोटर मार्गों को हुए भारी नुकसान की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रभावित जनता को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर फोकस
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी हल्द्वानी और अन्य अधिकारियों ने आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुति दी। भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण नैनीताल, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर जिले के कई हिस्सों में सड़कें धंस गईं, जबकि बिजली लाइनें और जल स्रोत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सीएम धामी ने कहा, “आपदा ने हमें चुनौती दी है, लेकिन हमारी सरकार इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए कटिबद्ध है।” उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में 500 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानांतरित किया गया है, और राहत शिविरों में भोजन, दवा तथा अस्थायी आश्रय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि मोटर मार्गों पर बहाव आने से 20 से अधिक पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जिनकी मरम्मत के लिए तत्काल फंड आवंटित किया गया है।
विद्युत और पेयजल व्यवस्था में सुधार के निर्देश
सीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त जनरेटर और पावर बैकअप की व्यवस्था करें। “किसी भी गांव में अंधेरा नहीं रहना चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा। पेयजल की कमी को दूर करने के लिए जल निगम को वैकल्पिक स्रोतों से पानी की आपूर्ति तेज करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि संक्रामक रोगों से बचाव हो सके। सीएम ने जिला प्रशासन को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।

CM Dhami Khatgodam disaster relief: ढिलाई बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “प्रभावित जनता का दर्द हमारा दर्द है। हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचानी ही होगी,” धामी ने कहा। उन्होंने एनजीओ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी बल दिया। राज्य सरकार ने आपदा राहत कोष से अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की, जो तत्काल राहत सामग्री वितरण के लिए उपयोग होगा। सीएम ने ग्राम प्रधानों और स्थानीय नेताओं से अपील की कि वे प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर सरकार तक पहुंचाएं।
त्वरित राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास
सीएम धामी ने दोहराया कि हमारी सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, आवश्यक सुविधाओं और समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पिछले वर्ष की आपदा के अनुभवों से सीख लेते हुए नई आपदा प्रबंधन योजना की रूपरेखा पर चर्चा की, जिसमें ड्रोन सर्वेक्षण और जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली को शामिल किया जाएगा। बैठक के अंत में सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का ऐलान किया, ताकि जमीन पर स्थिति का जायजा लिया जा सके।
