CM Dhami Jan Van Mahotsav Inauguration : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में राज्य स्तरीय जन-वन महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है।
प्रकृति संरक्षण और संस्कार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “प्रकृति का संरक्षण हमारे संस्कारों में समाहित” है। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वजों ने मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व की जो परंपरा बनाई, वह आज भी हमें पर्यावरण को संभालने की प्रेरणा देती है। यह महोत्सव भी उन्हीं परंपराओं को जीवित रखने और बढ़ावा देने का एक प्रयास है।
पर्यावरण और विकास का संतुलन
धामी ने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब “पारिस्थितिकी और आर्थिकी के बीच सामंजस्य” बना रहता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना आवश्यक है जिससे वे इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना सकें।
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महोत्सव के मुख्य आयोजन
जन-वन महोत्सव में वन्य जीव संरक्षण पर आधारित प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। स्कूल के बच्चों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके साथ संवाद किया।
वन विभाग और स्थानीय विकास
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास हेतु कई घोषणाएं कीं, जिनमें नए राजस्व गांव का गठन, सिंचाई और पेयजल परियोजनाएं, सड़क संपर्क सुधार और उत्पादों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा, नगर वन में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन और सामुदायिक शॉप का निर्माण भी किया जाएगा।
इको-टूरिज्म मॉडल पर तेजी से काम किया जा रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इको-टूरिज्म मॉडल पर तेजी से काम किया जा रहा है, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि बिजरानी, गिरिजा और ढिकुली जोन को आधुनिक रूप में विकसित किया गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
चिपको आंदोलन का उल्लेख
धामी ने 1973 के चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आंदोलन महिला शक्ति और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि चमोली की महिलाओं ने पेड़ों से लिपटकर पूरी दुनिया को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
