सीएम धामी का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आचार्य सौरभ सागर मुनि जी महाराज के जीवन को उच्च आदर्शों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आचार्य सौरभ सागर मुनि जी महाराज का जीवन संयम, त्याग और अहिंसा जैसे उच्च आदर्शों का प्रतीक है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा से प्रेरित सौरभांचल तीर्थ एवं जीवन आशा अस्पताल समाज को धर्म और सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर कर रहे हैं।” सीएम ने जोर देकर कहा कि जैन धर्म ने विश्व को यह गहन संदेश दिया है कि अहिंसा ही सच्ची वीरता का सार है। जैन समाज ने न केवल अहिंसा का उदाहरण प्रस्तुत किया है, बल्कि एकता और सामाजिक सामंजस्य का भी अनुकरणीय मॉडल खड़ा किया है।

9,000 एकड़ जमीन को कराया अतिक्रमण मुक्त
धामी ने जैन सिद्धांतों को उत्तराखंड की संस्कृति और दर्शन में विशेष स्थान देते हुए कहा कि जैन धर्म में सभी जीवों के कल्याण की भावना है, और अहिंसा इसका मूल आधार है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से समग्र विकास पर जोर देते हुए बताया कि उत्तराखंड ने देश का पहला राज्य बनकर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। इसके अलावा, राज्य में 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमणों से मुक्त कराया गया है। ये कदम राज्य के हित में कठिन लेकिन आवश्यक निर्णयों के रूप में हैं।
CM Dhami Praises Jain Principles: ये रहे मौजूद
सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें विधायक विनोद चमोली (बीजेपी), खजान दास (बीजेपी), रविंद्र मुनि जी महाराज, श्री राजेश मुनि जी महाराज तथा पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन शामिल थे। सीएम धामी ने जैन धर्मगुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त किया, जो कार्यक्रम का एक भावपूर्ण क्षण साबित हुआ। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने सीएम का स्वागत किया और राज्य के विकास में समाज के योगदान पर चर्चा की।

जैन कल्याण बोर्ड के गठन पर विचार
कार्यक्रम के दौरान जैन समाज की ओर से जैन कल्याण बोर्ड के गठन संबंधी सुझाव प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास में सभी वर्गों की तरह जैन समाज का भी अमूल्य योगदान रहा है। जैन समुदाय न केवल धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सीएम ने विश्वास जताया कि जैन समाज राज्य के व्यापक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।

ऐतिहासिक क्लॉक टावर का सौंदर्यीकरण
सम्मेलन से पहले सीएम धामी ने देहरादून के ऐतिहासिक क्लॉक टावर का सौंदर्यीकरण, भव्य परिवर्तन और स्वचालित लाइटिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि क्लॉक टावर देहरादून की पहचान है। इसका नया आकर्षक स्वरूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों में गर्व की भावना भी जगाएगा। रात में स्वचालित लाइटिंग से शहर की रात्रि जीवन में नई जान फूलेगी। इस परियोजना पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
CM Dhami Praises Jain Principles: इसके अलावा, क्लॉक टावर क्षेत्र में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए चार आधुनिक ‘हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स’ का शुभारंभ किया गया। यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों के विपणन को मजबूत करने का उद्देश्य रखती है। धामी ने कहा कि ऐसी पहलें शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और नागरिक जिम्मेदारी की भावना जगाती हैं।
