हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं से नाराज CM
सीएम धामी के निर्देशों के बाद देर रात उत्तराखंड सरकार ने कई बड़े अधिकारियों के तबादले किए। इनमें दो तबादले विशेष रूप से चर्चा में हैं—पर्यटन सचिव सचिन कुर्बे और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की सीईओ सोनिका का। इन दोनों अधिकारियों के तबादलों को हाल की हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन हादसों में कथित लापरवाही और समन्वय की कमी को लेकर सरकार ने यह कदम उठाया है। तबादलों की खबर ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और इसे सीएम के सख्त रवैये का हिस्सा माना जा रहा है।

CM Dhami Helicopter Crash Action: देर रात हुए बड़े तबादले
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हाल के महीनों में इनमें हादसों की संख्या बढ़ी है। 15 जून 2025 को गौरीकुंड के पास हुआ हादसा इस साल का पांचवां हेलीकॉप्टर क्रैश था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई। खराब मौसम और कम दृश्यता को इन हादसों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा, तकनीकी खामियां और पायलटों के अनुभव की कमी भी जांच के दायरे में हैं। इन घटनाओं ने न केवल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि राज्य की हेली सेवा व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया।
सीएम धामी का एक्शन प्लान
मुख्यमंत्री धामी ने इन हादसों के बाद कई कदम उठाए हैं। उन्होंने देहरादून में एक केंद्रीकृत कमांड और समन्वय केंद्र स्थापित करने की घोषणा की, जो हेलीकॉप्टर उड़ानों की निगरानी करेगा। साथ ही, गृह सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें DGCA, UCADA और अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह समिति हेली सेवाओं के लिए सख्त SOP तैयार करेगी। सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि केवल अनुभवी पायलटों को ही हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, हेलीकॉप्टर कंपनियों और पायलटों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
