Pushkar Singh Dhami Badrinath reverse migration 2025 :उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल हुए, जो बद्रीनाथ धाम में आयोजित किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन, रिवर्स माइग्रेशन, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव उत्तराखंड सरकार और भारतीय सेना के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय संस्कृति, परंपराएं और सामुदायिक सहभागिता का समावेश था।
रिवर्स माइग्रेशन पर जोर-सीएम धामी
सीएम धामी ने इस अवसर पर रिवर्स माइग्रेशन की महत्ता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने और लोगों को अपने गांव लौटने के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड की विकास गति इसी प्रयास की देन है, जिससे राज्य में नई अर्थव्यवस्था का विकास हो रहा है।
संस्कृति और रोजगार का संरक्षण
सीएम धामी ने लोककला और संस्कृति के संरक्षण की बात की और कहा कि यह हमारी अस्मिता की झलक है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित पारंपरिक कलाकारों का सम्मान किया और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन के विस्तार को रोजगार और आर्थिक विकास के स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण बताया है।
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प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था
इस महोत्सव में जिला प्रशासन ने सीएम धामी का भव्य स्वागत किया और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की प्रदर्शनी देखी और स्थानीय पर्वतीय व्यंजनों का स्वाद लिया। इस आयोजन ने न केवल पर्यटन को बल्कि सामाजिक एकता को भी प्रोत्साहित किया।
उत्तराखंड में सांस्कृतिक महोत्सव न सिर्फ क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का माध्यम है, बल्कि राज्य में विकास और रोजगार के नए आयाम भी खोल रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रिवर्स माइग्रेशन को रोकने और स्थानीय रोजगार सृजन पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है जिससे लोग अपने घर लौटें और प्रदेश का विकास संभव हो सके।
