CM Bhajanlal Chetichand: सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेटीचंड पर्व पूरे राजस्थान में धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। जयपुर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, वहीं अजमेर में जुलूस ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। दोनों शहरों में सिंधी समाज ने परंपरागत आस्था और उत्साह का संगम प्रस्तुत किया।

CM ने दिखाई हरी झंड़ी
राजधानी जयपुर में चौगान स्टेडियम से भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाई। सिंधी समाज को संबोधित करते हुए सीएम शर्मा ने कहा कि सिंधी समाज प्रगति और परिश्रम का प्रतीक है। CM ने कहा – देश के विभाजन के दौरान सिंधी समाज ने अपना घर, जमीन और व्यापार सब कुछ छोड़ा, लेकिन हार नहीं मानी। मेहनत, ईमानदारी और कर्मठता के बल पर उन्होंने पहचान बनाई। चेटीचंड और नवरात्र जैसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं।
मानवता के मार्गदर्शक
CM ने कहा भगवान झूलेलाल ने न तो तलवार उठाई और न ही युद्ध का आह्वान किया, बल्कि सत्य, साहस और प्रेम से अत्याचार का सामना किया। वे केवल देवता ही नहीं, बल्कि मानवता के मार्गदर्शक हैं। सिंधी समाज हमेशा राज्य, समाज और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उनका संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच बाकी समाजों के लिए प्रेरणा है।

CM Bhajanlal Chetichand: सजी झांकियां
शोभायात्रा की शुरुआत चौगान स्टेडियम से हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में आए। 51 से ज्यादा सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। राधा-कृष्ण की रासलीला, नरसिंह अवतार, महल में विराजमान भगवान झूलेलाल, कमल पर झूलेलाल, श्वेत अश्व पर भगवान झूलेलाल, बाहुबली हनुमान और अघोरी झांकियां आकर्षण के केंद्र रहीं। साथ ही बहिराणा साहब की झांकी भी शोभायात्रा के साथ चलती रही, जो सिंधी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शोभायात्रा चौगान स्टेडियम से गणगौरी बाजार, चांदपोल बाजार, खजाने वालों का रास्ता, इंदिरा बाजार, नेहरू बाजार, बापू बाजार, बड़ी चौपड़, हवा महल बाजार होते हुए कंवर नगर स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंची।
