Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
Video
  • Home
  • देश-विदेश
  • CJI BR गवई का बड़ा बयान: न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई समझौता नहीं!  🔥
  • देश-विदेश

CJI BR गवई का बड़ा बयान: न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई समझौता नहीं!  🔥

Shital Sharma June 4, 2025

cji br gavai judicial independence collegium criticism 2025 : CJI BR गवई ने अपने बयान से यह स्पष्ट कर दिया कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना को स्वीकारते हुए, इसके सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनके विचार न्यायपालिका के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं।

  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर जोर: CJI BR गवई ने कहा कि कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना की जा सकती है, लेकिन न्यायपालिका की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
  • इतिहास में सरकार की दखलंदाजी: उन्होंने बताया कि 1964 और 1977 में सरकार ने सीनियर जजों को नजरअंदाज कर नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए।
  • कॉलेजियम प्रणाली की स्थापना: 1993 में सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम प्रणाली की शुरुआत की, जिसमें मुख्य न्यायाधीश और चार सीनियर जज मिलकर जजों की नियुक्ति करते हैं।
  • NJAC का विरोध: 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन (NJAC) को असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करता था।
  • रिटायरमेंट के बाद सरकारी पद या चुनाव पर सवाल: CJI गवई ने रिटायरमेंट के बाद जजों द्वारा सरकारी पद स्वीकार करने या चुनाव लड़ने को नैतिक चिंता का विषय बताया, जिससे जनता में यह संदेश जा सकता है कि फैसले भविष्य की पद-लाभ की उम्मीद में दिए गए थे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) BR गवई ने हाल ही में लंदन में आयोजित UK सुप्रीम कोर्ट के राउंड-टेबल में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कॉलेजियम प्रणाली पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, भले ही कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना की जाए।

 cji br gavai judicial independence collegium criticism 2025

CJI गवई ने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि 1964 और 1977 में सरकार ने सीनियर जजों को नजरअंदाज कर नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठे। इसी संदर्भ में 1993 में सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम प्रणाली की शुरुआत की, जिसमें मुख्य न्यायाधीश और चार सीनियर जज मिलकर जजों की नियुक्ति करते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन (NJAC) को असंवैधानिक करार दिया, क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करता था।

रिटायरमेंट के बाद जजों द्वारा सरकारी पद स्वीकार करने या चुनाव लड़ने पर CJI गवई ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे नैतिक चिंता का विषय बताया, जिससे जनता में यह संदेश जा सकता है कि फैसले भविष्य की पद-लाभ की उम्मीद में दिए गए थे।

CJI गवई के इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना उनके लिए सर्वोपरि है।

Read More :- अब भारत में बनेगा राफेल का फ्यूज़लेज : दासो एविएशन और टाटा के बीच अहम समझौता

Watch Now:-“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का शुभारंभ।

 


About the Author

Shital Sharma

Administrator

i am contant writer last 10 Years, worked with Vision world news channel, Sadhna News, Bharat Samachar and many web portals.

View All Posts

Post navigation

Previous: IPL 2025 Awards Winners: IPL टीम के इन खिलाड़ियों को मिले ये अवॉर्ड…
Next: Monsoon Session 2025 : संसद में बवाल तय, 21 जुलाई से होगी शुरुआत

Related Stories

Uttarakhand e-Zero FIR
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश

उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ

himani Shrotiya February 28, 2026
firecracker factory blast
  • Top Story
  • देश-विदेश

आंध्र प्रदेश की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 18 लोगों की मौत

himani Shrotiya February 28, 2026
Iran missile attacks
  • Top Story
  • देश-विदेश

दावा – ईरानी रक्षामंत्री की मौत, स्कूल पर मिसाइल हमला, ईरान ने भी दागी थी 400 मिसाइलें

himani Shrotiya February 28, 2026
  • सबके हितों की करेंगे रक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • वन्य जीवों के पुनर्स्थापन में मप्र बन गया है देश का आदर्श माडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ‘प्रोजेक्ट चीता’ से मिल रही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ की वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?
  • उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ
  • राज्य स्तरीय HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, 300 करोड़ का कैंसर अस्पताल
  • पूर्व रेलकर्मी ब्लैकमेलिंग के आरोप में भोपाल में गिरफ्तार, कब्ज़े से मिली MD ड्रग, अवैध फायर आर्म
  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की मंत्री अनिल विज से मुलाकात
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.