cia officer son fights for russia putin honors american soldier: मां CIA में, बेटा रूस में एक घर, दो ध्रुवों पर बंटा

21 साल का माइकल ग्लॉसनाम छोटा, लेकिन उसके इर्द गिर्द की कहानी इतनी बड़ी कि पूरी दुनिया कुछ पल के लिए ठहर गई। एक अमेरिकी सैनिक, जिसकी मां अमेरिका की सबसे खुफिया और शक्तिशाली एजेंसी CIA की डिप्टी डायरेक्टर हैं,खुद जाकर रूस की सेना में भर्ती होता है, और यूक्रेन जंग में रूस की ओर से लड़ते हुए मारा जाता है।
अब उसी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मरणोपरांत ऑर्डर ऑफ लेनिन मेडल देकर सम्मानित किया है। ये खबर सिर्फ युद्ध या राजनीति की नहीं है… ये एक टूटते घर, उलझे सपनों और एक खोए हुए बेटे की कहानी है।
गलीना, CIA की डिजिटल इनोवेशन की डिप्टी डायरेक्टर
माइकल की मां जूलियन जे. गलीना, CIA की डिजिटल इनोवेशन की डिप्टी डायरेक्टर हैं।

एक ऐसा पद, जहाँ से अमेरिकी साइबर युद्ध की रणनीतियाँ बनती हैं, दुश्मनों को ट्रैक किया जाता है, और जासूसी की दुनिया में फैसले लिए जाते हैं। लेकिन गलीना का अपना बेटा… उनके सबसे बड़े ‘शत्रु’ देश रूस की तरफ से जंग लड़ता है।
माइकल की सोच अलग थी। 2023 में रूस जाने से पहले उसने सोशल मीडिया पर अमेरिकी मीडिया को प्रोपगेंडा मशीन कहा, और यूक्रेन जंग को पश्चिम की चाल। उसने मॉस्को के रेड स्क्वायर से सेल्फी ली वो एक जवान, बेचैन और शायद टूटा हुआ युवा था, जो दुनिया को अपने नजरिए से देखना चाहता था।
CIA बोली ‘मानसिक रूप से बीमार था'( cia officer son fights for russia putin honors american soldier)
जब ये बात सामने आई, तो CIA ने सफाई दी माइकल मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। कहना आसान है, लेकिन एक मां के लिए क्या ये इतना ही आसान होता है?
माइकल के पिता लैरी ग्लॉस, खुद अमेरिकी सेना में इराक युद्ध में लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, हमें डर था कि रूस में उसकी मां की पहचान सामने न आ जाए… वरना उसे राजनीतिक मकसद से इस्तेमाल किया जा सकता था।
पुतिन ने मेडल दिया, अमेरिका में सन्नाटा
6 अगस्त 2025। पुतिन ने ‘ऑर्डर ऑफ लेनिन’ मेडल ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को सौंपा। ये वही पुरस्कार है जो कभी सोवियत काल में सबसे बड़ा नागरिक सम्मान हुआ करता था।

लेकिन यह सब इतनी खामोशी से हुआ कि न व्हाइट हाउस, न CIA, और न ही खुद विटकॉफ ने इस पर कोई टिप्पणी की। इस सम्मान की घोषणा के बाद अमेरिका में जैसे कोई शब्द ही नहीं बचे।
600+ अमेरिकी, दोनों ओर से लड़ रहे हैं यूक्रेन युद्ध में
कनाडा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 600 से अधिक अमेरिकी नागरिक आज यूक्रेन युद्ध में लड़ रहे हैं कुछ यूक्रेन की ओर से, कुछ रूस की तरफ से। इनमें से कई पूर्व सैनिक हैं, कुछ डिप्रेशन, नशे, या जीवन में खालीपन से जूझ रहे थे। माइकल शायद अकेला नहीं था।
अल्फा से ओमेगा तक एक मां का क्या बचा?
गलीना वो महिला जो नेवल एकेडमी में पहली बार ब्रिगेड की लीडर बनीं, जिसने साइबर जंग में अमेरिकी सेना को दिशा दी…अब अपने बेटे की लाश तक को राजनीतिक हथियार बनते देख रही हैं। क्या वो अब भी केवल CIA अफसर हैं? या एक टूटी हुई मां?
कुछ युद्ध सीमा पर नहीं, दिल में लड़े जाते हैं
माइकल ग्लॉस की कहानी न सिर्फ यूक्रेन रूस युद्ध की, बल्कि दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच दरार में फंसे एक इंसान की है। एक बेटा, जो सवाल पूछना चाहता था…एक मां, जो जवाब देने से पहले ही सब कुछ खो बैठीं। और एक दुनिया… जो चुपचाप तमाशा देख रही है।
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