Chlorine gas leak: झाबुआ में हड़कंप मच गया। जहा पद्मावती नदी किनारे बने वाटर फिल्टर प्लांट से जहरीली क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा है। इस हादसे में 7 कर्मचारियों समेत करीब 50 लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन हो रही है। जिसे सांस लेने में दिक्कत हो इन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

यहां थांदला तहसील मुख्यालय स्थित पद्मावती नदी किनारे बने वाटर फिल्टर प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। इस जहरीली गैस की चपेट में आने से 7 कर्मचारियों सहित करीब आधा सैकड़ा लोग बीमार हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
Chlorine gas leak: घरों से बाहर निकले लोग
वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में इसका असर प्लांट के आसपास के करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैल गया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि अचानक हवा में तीखी गंध महसूस हुई, जिससे लोगों की आंखों में तेज जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद पता चला की गैस लीक हो रही है। जिसके बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
Chlorine gas leak: इंदौर से बुलाना पड़ी एक्सपर्ट टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम भास्कर गाचले, टीआई अशोक कनेश और नगर परिषद की टीमें भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए मेघनगर की औद्योगिक इकाइयों से तकनीकी मदद ली गई। साथ ही, इंदौर से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बुलाई गई, जिसने रात करीब 9 बजे तक रिसाव पर पूरी तरह काबू पाया और अन्य टैंकों की सुरक्षा जांच की।
पूरे इलाके में ‘डोर-टू-डोर’ सर्वे चल रहा
फिलहाल घटना के बाद इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों में मामूली लक्षण भी दिख रहे हैं, उन्हें डॉक्टरी निगरानी में रखा जा रहा है। कलेक्टर ने भी पूरे मामले का फीडबैक लेकर बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
