दबंगों का मानसिक उत्पीड़न
महिला ने दावा किया कि दबंगों ने उस पर मानसिक दबाव बनाते हुए कहा, “तुम्हारा पति 14 साल पहले हमसे उधार पैसे लेकर गया था, या तो पैसा वापस करो या घर खाली करो।” सविता ने स्पष्ट किया कि उनके पति की मृत्यु कई वर्ष पहले हो चुकी है और उन्होंने किसी से कोई कर्ज नहीं लिया था। वह अकेली और बेसहारा हैं, और उनके पास दबंगों के दावे को साबित करने वाला कोई दस्तावेज नहीं है।

Widow Harassment Chitrakoot:समझौते की सलाह
सविता मिश्रा ने बताया कि जब वह अपनी शिकायत लेकर थाना सरधुआ पहुंची, तो वहां मौजूद अधिकारी ने उल्टा उन्हें समझौता करने की सलाह दी। सविता के अनुसार, थानेदार ने कहा, “40 हजार रुपए देकर मामला खत्म कर दो।” सविता ने सवाल उठाया कि उनकी क्या गलती है और वह बिना कर्ज के पैसे क्यों दें? उन्होंने यह भी बताया कि वह थाना सरधुआ, एसडीएम, राजस्व विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को उन्होंने एक बार फिर चित्रकूट के जिलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
पुश्तैनी मकान का दावा
भदेहदू गांव के कुछ ग्रामीणों ने सविता के पक्ष में बात की। उनके अनुसार, यह मकान सविता का पुश्तैनी घर है, और वह लंबे समय से अकेले जीवन यापन कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों के दावे संदिग्ध हैं, और यह मामला बेसहारा महिला पर दबाव बनाने की कोशिश हो सकता है। सविता ने बताया कि दबंगों का उत्पीड़न उनके लिए असहनीय हो गया है, और वह डर के साये में जी रही हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और उनके मकान को सुरक्षित करे।
Widow Harassment Chitrakoot:सत्य सामने आने की उम्मीद
मामला अब प्रशासनिक जांच का विषय बन चुका है। जिलाधिकारी कार्यालय में सविता की शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। यह जांच ही स्पष्ट करेगी कि दबंगों का कर्ज का दावा कितना सत्य है और सविता की शिकायत कितनी गंभीर। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का रूप ले लिया है, और लोग एक बेसहारा महिला के साथ हो रहे अन्याय को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सविता की कहानी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बेसहारा लोगों की समस्याओं और दबंगई के मुद्दे को फिर से उजागर करती है।
सुरेन्द्र सिंह कछवाह की रिपोर्ट
