
नाबालिक के सिर में लगी गोली
जानकारी के अनुसार, मृतक शिवाकांत अपनी बुआ के घर जल विहार मेला देखने आया था। वह गांव में अपने फुफेरे भाई नरोत्तम के साथ समय बिता रहा था। घटना सुबह के समय हुई, जब दोनों एक कमरे में थे, और परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। अचानक कमरे से गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी। परिजन दौड़कर कमरे में पहुंचे तो देखा कि शिवाकांत के सिर में गोली लगी थी, और वह खून से लथपथ पड़ा था। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
नाबालिक का भाई था मौजूद
घटना की सूचना ग्राम प्रधान ने तत्काल बहिलपुरवा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स और फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि “मामला प्रथम दृष्टया एक्सीडेंटल प्रतीत हो रहा है।” फोरेंसिक टीम को साक्ष्य एकत्र करने के लिए बुलाया गया है, और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। एसपी ने यह भी बताया कि घटना के समय नाबालिग का ममेरा भाई भी कमरे में मौजूद था, लेकिन वह इस घटना से इतना डरा-सहमा है कि उससे अभी पूछताछ नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि नरोत्तम की स्थिति सामान्य होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, जिससे घटना की सच्चाई सामने आ सके।

Chitrakoot minor gunshot death: एक्सीडेंट या हत्या?
इस घटना ने गांव वालों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार घर में बंदूक कहां से आई और वह नाबालिग के हाथों में कैसे पहुंच गई? ग्रामीणों में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या यह वास्तव में एक दुर्घटना थी, या इसके पीछे कोई और कहानी है। क्षेत्र में पहले भी अवैध हथियारों और आपराधिक गतिविधियों की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिसके कारण लोग इस घटना को संदेह की नजर से देख रहे हैं।
सुरेन्द्र सिंह कछवाह की रिपोर्ट
