चीन ने इसे 2,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है
चीन के प्रधानमंत्री ली खछ्यांग इस सप्ताह अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान ग्वादर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अयातुल्ला तरार ने रविवार को यह जानकारी दी। वह 15-16 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को पाकिस्तान आ रहे हैं।
ग्वादर एयरपोर्ट बलूचिस्तान प्रांत में बना है। यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का एक हिस्सा है। चीन ने इसकी फंडिंग की है। इसका उद्घाटन इस साल 14 अगस्त को होने वाला था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर इसे लॉन्च करने वाले थे, लेकिन बाद में बलूच आंदोलन के कारण इस योजना को रद्द कर दिया गया था।
बलूच विद्रोहियों के कारण देरी
चीन और पाकिस्तान ने ग्वादर एयरपोर्ट के लिए 2015 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस पर साल 2019 में काम शुरू हुआ था। इस एयरपोर्ट को बनाने में चीन ने 246 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

ग्वादर एयरपोर्ट करीब 4,000 एकड़ में फैला हुआ है। इस पर सिर्फ एक रनवे होगा। इसका उपयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए किया जाता है। अमेरिका के एयरबस जैसे बड़े विमान भी यहां उतर सकते हैं। चीन के अलावा पाकिस्तान ने नेपाल, कंबोडिया, जिम्बाब्वे और श्रीलंका में भी एयरपोर्ट बनाए हैं।
पाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक
शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 15-16 अक्टूबर को पाकिस्तान में आयोजित होने वाला है। इसकी तैयारियों को लेकर 13 अक्टूबर को पाकिस्तानी अधिकारियों की बैठक हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में समिट के लिए राजधानी इस्लामाबाद को बंद करने का फैसला किया जा रहा है।
