कई वर्कस्टेशन में सेंध और दस्तावेज लीक
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट को हैक करने का मामला चीनी हैकर्स द्वारा प्रकाश में आया है। अधिकारियों के मुताबिक, चीन के स्टेट प्रायोर्ड हैकर्स ने ट्रेजरी डिपार्टमेंट के थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर के सिस्टम में सेंध लगाई और कई कर्मचारी वर्कस्टेशन और कुछ अवर्गीकृत दस्तावेज हासिल कर लिए।
यह घुसपैठ दिसंबर की शुरुआत में हुई थी, जिसके बारे में ट्रेजरी विभाग ने जानकारी दी है। विभाग ने सांसदों को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दी है। हैकिंग को एक ‘बड़ी घटना’ करार देते हुए विभाग ने कहा कि एफबीआई और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। ट्रेजरी विभाग अमेरिकी सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है, जो देश की आर्थिक और वित्तीय प्रणाली की देखरेख करता है।
कितने वर्कस्टेशन हैक किए गए थे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं
विभाग ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि कितने वर्कस्टेशन को दूरस्थ रूप से एक्सेस किया गया था या हैकर्स ने किस तरह के दस्तावेज प्राप्त किए थे। सांसदों को लिखे पत्र में विभाग ने कहा कि फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हैकरों की पहुंच अब भी वित्त विभाग की जानकारी तक है। हैक की जांच साइबर सिक्योरिटी इंसिडेंट मानकर की जा रही है।
ट्रेजरी विभाग के एक प्रवक्ता ने एक अलग बयान में कहा कि ट्रेजरी अपने सिस्टम के खिलाफ सभी जोखिमों को बहुत गंभीरता से लेता है। पिछले चार वर्षों में, ट्रेजरी ने अपने साइबर सुरक्षा में सुधार किया है। हम अपनी वित्तीय प्रणाली को इस तरह के हैक से बचाने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर काम करेंगे।

सहायक ट्रेजरी सचिव अदिति हार्डिकर ने कहा: जो सर्विस हैकिंग का शिकार हुई थी, उसे ऑफलाइन कर दिया गया है। हैकर्स के पास अब ट्रेजरी की जानकारी तक पहुंच नहीं है।
8 दिसंबर को हैकिंग की जानकारी मिली
ट्रेजरी विभाग ने कहा कि उसने 8 दिसंबर को उल्लंघन की सूचना दी जब तीसरे पक्ष के सॉफ्टवेयर प्रदाता बियॉन्ड ट्रस्ट ने बताया कि हैकर्स ने एक चाबी चुरा ली थी जो उन्हें सेवा की सुरक्षा को बायपास करने की अनुमति देती थी और दूरस्थ रूप से कई वर्कस्टेशन तक पहुंच सकती थी।
साइबर जासूसी से प्रभावित दूरसंचार कंपनियों की संख्या नौ तक पहुंच गई है, यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिकी अधिकारी चीन की साइबर जासूसी के प्रभाव से बाहर नहीं निकल पाए हैं। सॉल्ट टाइफून नाम की इस साइबर जासूसी में जासूसों ने कई अमेरिकी दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क को हैक कर लोगों के कॉल रिकॉर्ड और निजी संचार को चीनी सरकारी अधिकारियों को भेज दिया। शुक्रवार को व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस साइबर हैकिंग से प्रभावित दूरसंचार कंपनियों की संख्या नौ तक पहुंच गई है।
