China Warns Retaliation Over US Trade Deals : चीन का बड़ा बयान: अमेरिका के साथ व्यापार करोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी
China Warns Retaliation Over US Trade Deals बीजिंग: चीन ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है, खासकर अगर वे सौदे चीनी हितों के खिलाफ जाते हैं। वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि चीन इस तरह की किसी भी रणनीति को स्वीकार नहीं करेगा और जवाबी कार्रवाई करेगा।
📉 क्या है विवाद की जड़?
हाल ही में रिपोर्ट्स सामने आईं कि अमेरिका कुछ देशों पर दबाव बना रहा है कि वे चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों को सीमित करें, बदले में टैरिफ में छूट दी जाएगी।
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वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका दर्जनों देशों को चीन से दूरी बनाने के लिए राजी करने में लगा है।
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इसमें जापान, ASEAN देश, और अन्य कई साझेदार शामिल हैं जिनके अमेरिका और चीन दोनों से व्यापारिक रिश्ते हैं।
🚨 चीन की सख्त प्रतिक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा:
“अगर कोई देश चीन के खिलाफ जाकर अमेरिका से टैरिफ छूट लेता है, तो चीन मजबूती से जवाब देगा।
हमें अपने वैध अधिकारों की रक्षा करने का अधिकार और क्षमता दोनों है।”
उन्होंने आगे कहा:
“अमेरिका ‘पारस्परिकता’ के नाम पर दुनिया को धौंस और दमन की नीति से चला रहा है। यह वर्चस्ववादी राजनीति का हिस्सा है, न कि निष्पक्ष व्यापार का।”
⚔️ चीन बनाम अमेरिका: टैरिफ वॉर जारी
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अमेरिका ने चीन के खिलाफ 245% तक के टैरिफ लगाए।
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चीन ने जवाब में 125% टैरिफ और दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निर्यात पर नियंत्रण लागू किया।
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अमेरिका ने 70 से अधिक देशों से कहा कि वे चीन के बजाय अमेरिका को प्राथमिकता दें।
📍 किसे होगा सबसे ज़्यादा नुकसान?
जापान, मलेशिया, कंबोडिया और ASEAN देशों को इस टकराव में फंसने का डर है क्योंकि ये दोनों शक्तियों के साथ लाभदायक व्यापार करते हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हाल की हाई-प्रोफाइल यात्राएं भी इसी व्यापारिक प्रभाव को बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा थीं।
✋ शांति की बात भी, लेकिन शर्तों के साथ
प्रवक्ता ने कहा:
“तुष्टीकरण से शांति नहीं आती, और दूसरे देशों के हितों से सौदा कर के सम्मान नहीं पाया जा सकता।
ऐसे सौदे सबके लिए हानिकारक होंगे।”
उन्होंने सभी देशों से अपील की:
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एकतरफा फैसलों का विरोध करें
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न्याय और निष्पक्षता के पक्ष में खड़े रहें
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अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली की रक्षा करें
⚖️ “जंगल का कानून” बन जाएगा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार?
“अगर वैश्विक व्यापार में ‘जंगल का कानून’ चलने लगा, तो मजबूत देश कमजोरों को निगल जाएंगे।
ऐसे में हर देश को नुकसान होगा।”
चीन ने कहा कि वह एकजुटता और वैश्विक समन्वय को बढ़ावा देने के लिए सभी देशों के साथ काम करने को तैयार है।
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