माओ जैसी ड्रेस में पहुंचे जिनपिंग, बोले—’हम डरते नहीं, आगे बढ़ते हैं’
बीजिंग: चीन ने दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने पर विक्ट्री डे परेड का आयोजन किया। इस दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने माओ स्टाइल सूट पहनकर थियानमेन चौक पर सेना का निरीक्षण किया। परेड में अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें भी दिखाई गईं, जिनमें DF 61 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल और YJ 21 हाइपरसोनिक एंटी शिप मिसाइल शामिल थीं।
जिनपिंग का भाषण: हम किसी की धमकियों से नहीं डरते
जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा: “चीन किसी की धमकियों से नहीं डरता। हम हमेशा आगे बढ़ते रहते हैं। हमें इतिहास याद रखना चाहिए और जापान के खिलाफ लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देना चाहिए।”
उन्होंने चीन की सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए कहा कि दुनिया को चीन पर भरोसा करना चाहिए।
परेड में दिखे हथियार: अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें
परेड में 100 से ज्यादा हथियार, 45 सैन्य टुकड़ियां, और 100 विमान शामिल थे। इनमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, YJ 21 मिसाइल, और JL 3 पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल भी थीं।
DF 61 मिसाइल को अमेरिका तक मार करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। बीजिंग के आसमान में चीनी झंडा लिए हेलीकॉप्टरों ने “80” की आकृति बनाई।
पुतिन और किम जोंग उन भी रहे मौजूद
परेड में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन भी मौजूद थे। किम जोंग उन की बेटी किम जू ए भी उनके साथ थीं, जिन्हें उत्तराधिकारी माना जाता है।
पुतिन और किम जोंग उन ने पूर्व सैनिकों के साथ हाथ मिलाए और चीन की सैन्य ताकत की सराहना की।
पड़ोसी देशों के नेता भी शामिल
परेड में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भी मौजूद थे।
चीन ने इस परेड के जरिए दुनिया को संदेश दिया कि वह अमेरिका का विकल्प बन सकता है और गैर पश्चिमी देशों का नेतृत्व कर सकता है।
सैन्य ताकत का प्रदर्शन
चीन ने विक्ट्री डे परेड के जरिए अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। जिनपिंग ने दुनिया को चेतावनी दी कि चीन किसी से नहीं डरता और आगे बढ़ता रहेगा। अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका और पश्चिमी देश इस परेड को चीन की चुनौती के रूप में देखेंगे?
Watch:- US ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया
