China new organization iomed 33 countries members icj alternative : क्या यह ICJ का विकल्प होगा?
China new organization iomed 33 countries members icj alternative : चीन ने शुक्रवार को हांगकांग में एक नए संगठन International Organization for Mediation (IOMED) की स्थापना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय विवादों को मध्यस्थता के जरिए हल करना है। इस संगठन की स्थापना को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) और स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है।
IOMED का उद्देश्य और संरचना
IOMED को चीन ने मध्यस्थता के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय विवादों को हल करने के लिए दुनिया का पहला “अंतर-सरकारी कानूनी संगठन” बताया है। यह संगठन स्वैच्छिक मध्यस्थता की प्रक्रिया के माध्यम से विवादों का समाधान करेगा। अगर कोई भी पक्ष समझौते पर सहमत नहीं होता, तो कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
इस संगठन में कुल 33 देशों ने संस्थापक सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बेलारूस, क्यूबा, और कंबोडिया शामिल हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए और इसे औपचारिक रूप दिया। IOMED का मुख्यालय हांगकांग में होगा।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस मौके पर कहा, “हांगकांग खुद एक उदाहरण है कि विवादों को कैसे शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से हल किया जा सकता है।”
IOMED और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के बीच अंतर
IOMED और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) दोनों का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान करना है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं:
- स्थापना: 30 मई 2025 को हांगकांग में।
- सदस्य: 33 देशों ने संस्थापक सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किए।
- विवाद समाधान विधि: केवल मध्यस्थता के माध्यम से।
- स्वैच्छिक प्रक्रिया: यदि कोई पक्ष समझौते पर सहमत नहीं होता, तो कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
- लागू मामलों की सीमा: देशों के अलावा अन्य देशों के नागरिक और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन भी मामले दर्ज कर सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ)
- स्थापना: 1945 में, हेग, नीदरलैंड्स में।
- सदस्य: सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश।
- विवाद समाधान विधि: कानूनी और बाध्यकारी निर्णयों के आधार पर।
- संरचना: 15 न्यायाधीश होते हैं जिन्हें 9 वर्षों के लिए चुना जाता है।
- लागू मामलों की सीमा: केवल देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए।
IOMED का महत्व और चीन का प्रभाव
चीन का कहना है कि यह संगठन “आप हारेंगे, मैं जीतूंगा” की मानसिकता को पीछे छोड़कर एक बेहतर और शांतिपूर्ण विवाद समाधान प्रदान करेगा। IOMED की स्थापना से यह स्पष्ट होता है कि चीन दुनिया के मुद्दों को सैन्य संघर्षों के बजाय बातचीत और समझ के माध्यम से हल करना चाहता है।
आईओएमईडी के तहत विभिन्न देशों के नागरिकों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संघों को भी न्याय मिलने की उम्मीद है। यह संगठन एक समावेशी तरीके से विभिन्न विवादों को हल करने की कोशिश करेगा।
चीन और हांगकांग का सहयोग
चीन और हांगकांग सरकार ने इस नए संगठन के लिए समर्थन देने का वादा किया है। हांगकांग के प्रमुख जॉन ली ने कहा, “हम इस संगठन को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे ताकि यह त्वरित और विश्वसनीय समाधान प्रदान कर सके।”
IOMED के भविष्य पर दृष्टि
यह देखा जाएगा कि IOMED किस हद तक अंतर्राष्ट्रीय विवादों को प्रभावी तरीके से सुलझा पाता है, और क्या यह अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के पारंपरिक तरीके को चुनौती दे पाएगा। इस संगठन के अस्तित्व से वैश्विक कानूनी व्यवस्था में नई दिशा मिल सकती है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या यह वास्तविक रूप में प्रभावी होगा, खासकर उन देशों में जिनकी पहले से ICJ जैसी संस्थाओं पर निर्भरता है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
- IOMED क्या है?
- IOMED एक नया संगठन है जिसे चीन ने स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से हल करना है।
- IOMED के संस्थापक सदस्य कौन हैं?
- IOMED के संस्थापक सदस्य में चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, क्यूबा, बेलारूस, और कंबोडिया समेत कुल 33 देश शामिल हैं।
- IOMED और ICJ में क्या अंतर है?
- IOMED केवल मध्यस्थता के जरिए विवादों को हल करता है, जबकि ICJ कानूनी आधार पर बाध्यकारी निर्णय देता है। IOMED में निजी नागरिक और अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी मामले दायर कर सकते हैं, जबकि ICJ केवल देशों के मामलों पर कार्य करता है।
- IOMED का मुख्यालय कहां होगा?
- IOMED का मुख्यालय हांगकांग में होगा।
- IOMED के गठन का उद्देश्य क्या है?
- IOMED का उद्देश्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच विवादों को शांतिपूर्ण और मध्यस्थता के माध्यम से हल करना है।
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