Child Murder Rajgarh Alwar: राजगढ़ थाना क्षेत्र के झाकड़ा गांव में 11 साल के बालक मयंक की निर्मम हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस दुखद घटना के बाद रविवार को केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव मृतक के परिजनों से मिलने उनके गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और करीब दस मिनट तक परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
रजाई में लिपटा हुआ था शव
मंगलवार को सुबह दुकान से लापता हुए मयंक का शव बुधवार शाम को गांव की एक सूनी हवेली में रजाई में लिपटा हुआ मिला था। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने तुरंत राजगढ़ थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद शनिवार को खुलासा किया कि एक बाल अपचारी को हत्या के आरोप में निरुद्ध किया गया है। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि केवल एक व्यक्ति द्वारा इस जघन्य अपराध को अंजाम देना संदेहास्पद है। उन्होंने इस मामले में गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने परिजनों से की मुलाकात
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान उनकी शंकाओं को गंभीरता से सुना। परिजनों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर त्वरित और निष्पक्ष न्याय की गुहार लगाई। मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिलेगा। उन्होंने मौके पर ही राजगढ़ डीएसपी मनीषा मीणा से फोन पर बात की और मामले की प्रगति की जानकारी ली। डीएसपी ने बताया कि वैज्ञानिक फॉरेंसिक प्रयोगशाला (एसएफएल) की जांच के आधार पर एक बाल अपचारी को पकड़ा गया है और उसे पॉक्सो एक्ट के तहत निरुद्ध किया गया है। साथ ही, टीडीएस जांच के परिणाम आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
Child Murder Rajgarh Alwar: परिजनों ने की न्याय की मांग
इस मुलाकात के दौरान गांव में भारी भीड़ जमा थी, जो इस घटना से आक्रोशित और दुखी थी। ग्रामीणों ने पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसी वारदातों को रोकने के लिए पुलिस को और सतर्कता बरतनी चाहिए।
परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले की जांच को पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिले। केंद्रीय मंत्री के दौरे और उनके आश्वासन ने पीड़ित परिवार को कुछ राहत दी है, लेकिन अब सभी की निगाहें पुलिस की आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं।
हेमंत गुप्ता की रिपोर्ट
