Chief Minister Young Interns: मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को शासन व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह प्रोग्राम में तीन वर्षों में लगभग 190 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।बता दें की 10 मार्च को सीएम डॉ मोहन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए करीब 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, साथ ही कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

4 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा मौका
मोहन सरकार ने इस योजना के तहत राज्यभर में 4 हजार 165 युवाओं को इंटर्न के रूप में जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से करीब 15-15 युवाओं का चयन किया जाएगा। और चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपए का मानदेय दिया जाएगा।
Chief Minister Young Interns: जनता को उनका लाभ किस हद तक मिल रहा
मध्य प्रदेश के सभी ब्लॉकों से कुल मिलाकर करीब 4865 युवा इस योजना से जुड़ेंगे। इन युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। और साथ ही चयनित युवा डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़े एकत्र करेंगे और यह अध्ययन करेंगे कि योजनाओं का सामाजिक प्रभाव क्या पड़ रहा है और जनता को उनका लाभ किस हद तक मिल रहा है।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जोड़ने का एक नया मॉडल साबित होगी
जानकारी के अनुसार इन युवाओं के माध्यम से प्राप्त जानकारी को राज्य स्तर पर एक डैशबोर्ड और पोर्टल पर संकलित किया जाएगा, जिससे मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा मिल सकेगी। इस योजना का उद्देश्य है कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सुधार भी किए जा सकें।
Chief Minister Young Interns: साथ ही इससे युवाओं को शासन-प्रशासन और नई तकनीक से जुड़कर काम करने का अवसर भी मिलेगा। इस योजना पर 3 सालों में लगभग 190 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मोहन सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जोड़ने का एक नया मॉडल साबित होगी।
