Chief Minister Rural Bus Service: रायपुर। अपनी प्राकृतिक संपदा, घने वनों और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के सुदूर, पहाड़ी और नक्सल प्रभावित इलाकों में आवागमन और परिवहन एक लम्बे समय तक एक बड़ी समस्या बनी रही। गांव सड़क से जुड़ने के बाद भी सार्वजनिक बसों के आभाव से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों की पहुंच सीमित बनी रही। ऐसे समय में अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई ।

जगदलपुर से शुरू हुआ बसों का नया सफर
4 अक्टूबर 2025 को बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय महत्व का स्वरूप दिया। यह शुरुआत प्रतीकात्मक नहीं बल्कि ऐतिहासिक रही। बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी अंचलों में अब तकि लोगों को पैदल या निजी साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ता था।
Chief Minister Rural Bus Service: बसों पर सवार होकर विस्तार की तेज़ हो रही रफ्तार
10 दिसंबर 2025 को दूसरे चरण की शुरुआत हुई जिसमें 24 नई बसों को 23 अतिरिक्त मार्गों पर उतारी गईं। इस चरण से लगभग 180 और गांव सीधे इस सेवा से जुड़ सके। जनवरी 2026 तक कुल 57 मार्गों पर बसें संचालित होने लगीं और 330 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलना शुरू हो गया।
बसों से जागी बस्तर में नई उम्मीद
बस्तर जिले के गोंडियापाल से संभाग मुख्यालय तक सीधी बस सेवा शुरू होना ग्रामीणों के लिए किसी सौग़ात से कम नही। यह रूट चेराकुर, कुंगारपाल, बाकेल, फरसागुड़ा, भानपुरी होते हुए संचालित किया जा रहा है। हर प्रयास के पिछी उद्देश्य स्पष्ट है कि सड़क निर्माण के साथ बस सेवा भी अनिवार्य हो।
कोण्डागांव और विश्रामपुरी में दिख रही विकास की नई धड़कन
Chief Minister Rural Bus Service: कोण्डागांव से विश्रामपुरी मार्ग पर हर दिन बसों के दो फेरे शुरू होने से छात्रों और किसानों को बड़ी राहत मिली है। यहाँ के अब विद्यार्थी समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंच पा रहे हैं। किसानों को अपनी उपज को मंडी तक ले जाने में आसानी हो रही है।
जशपुर के पहाड़ों के पार पहुंचने लगी बस
अपनी भौगोलिक विषमताओं के कारण लंबे समय तक परिवहन सुविधा से वंचित रहने वाले जशपुर जिला भी अब बस सेवा से जुड़ चुका है। बंदरचुंवा से सिंगीबहार होते हुए जिला मुख्यालय तक बस सेवा शुरू हो गई है जिसे यहां के लोग एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी हो रहा है क्रांतिकारी बदलाव
ग्रामीण बस सेवा का सबसे अनुकूल प्रभाव शिक्षा पर पड़ा है।इससे छात्र-छात्राओं की स्कूल/कॉलेज में उपस्थिति बढ़ी है।ड्रॉपआउट दर में काफ़ी कमी आई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिभागियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हो गया है। ग्रामीण बस सेवा के बाद अब छात्रों को लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ती।इससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है और शिक्षा के प्रति विद्यर्थीयों का उत्साह भी बढ़ा है।
