Chhindwara cough syrup deaths : तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्यूटिकल कंपनी की कोल्ड्रिफ कफ सिरप से एमपी में 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने 100 किलो तक जहरीले औद्योगिक केमिकल का बिना टेस्ट इस्तेमाल किया और लापरवाहियों के बीच यह सिरप तैयार किया गया था।
फैक्ट्री में गड़बड़ियां
तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार श्रीसन फार्मास्यूटिकल ने कफ सिरप बनाने में नियमों का उल्लंघन हुआ। फैक्ट्री में गंदगी थी, वेंटिलेशन और एयर हैंडलिंग यूनिट्स नहीं थीं, उपकरण जंग लगे या खराब थे, और स्किल्ड मैनपावर की कमी थी। प्रोडक्शन के दौरान न तो क्वालिटी टेस्टिंग होती थी और न ही किसी बैच को परीक्षण के बाद रिलीज किया जाता था।
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जहरीला केमिकल और परीक्षण की कमी
रिपोर्ट में यह पाया गया कि कंपनी ने 50 किलो प्रोपलीन ग्लाइकॉल और भारी मात्रा में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) जैसे औद्योगिक केमिकल बिना चालान और परीक्षण के खरीदे। DEG की मात्रा 48.6% पाई गई
Chhindwara cough syrup deaths : प्रशासनिक कार्रवाई
मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में बच्चों की मौत के बाद कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, कुल 19 बच्चों की जान इस जहरीले सिरप से चली गई स्थानीय प्रशासन ने सिरप की बिक्री पर रोक लगाई, कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की, ड्रग कंट्रोल अधिकारियों को निलंबित किया और पूरे राज्य में बचे सिरप की जब्ती और नष्ट करने का आदेश जारी किया गया।
कारखाने का हाल
फैक्ट्री के अंदर की स्थिति ‘जहरघर’ जैसी थी—घरेलू गैस चूल्हों पर केमिकल उबाले जा रहे थे, प्लास्टिक पाइप से जहरीला तरल रिस रहा था, और मजदूर बिना दस्ताने-मास्क के उत्पादन में लगे थे। न प्रशिक्षित केमिस्ट, न कोई लैब और न ही सफाई की वैधता प्रक्रिया।
