Chhattisgarh Youth Poet Conference 2025 : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में भाग लेकर छत्तीसगढ़ की साहित्य और संस्कृति को समृद्ध करने का संदेश दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती को हमेशा से ही साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में वर्णित करते हुए युवाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

कवि सम्मेलन का आयोजन
राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिभागियों और आयोजकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाषा, साहित्य और संस्कृति हमारी पहचान है और इन्हें संरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। प्रदेश भर के युवा कवि अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे सांस्कृतिक विकास को बल मिला सके।

छत्तीसगढ़ की साहित्यिक धरोहर
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धरती हमेशा से ही कवि-महाकाव्यों,लोकगीतों और लोक कथाओं की जननी रही है। उन्होंने गुरु घासीदास, पंडित रविशंकर शुक्ल जैसे महान साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए युवा कवियों से आग्रह किया कि वह इस समृद्ध विरासत को न केवल संजोएं बल्कि रचनात्मक कार्यों से इसे विस्तार दें।
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युवाओं को प्रोत्साहन
युवाओं को अपनी कविताओं और साहित्य के माध्यम से समाज के संवेदनशील मुद्दों को उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा ही किसी भी समाज की सच्ची शक्ति होते हैं और उनके माध्यम से छत्तीसगढ़ का भविष्य उज्ज्वल बनेगा।
कवि सम्मेलन के आयोजन के महत्व
यह कवि सम्मेलन छत्तीसगढ़ में साहित्य को बढ़ावा देने, नई प्रतिभाओं की खोज करने और उन्हें मंच प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने और युवाओं में साहित्यिक चेतना जगाने का कार्य करता है। मुख्यमंत्री के समर्थन में कार्यक्रमों को और विस्तार मिलने की उम्मीद जताई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह संदेश छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को न केवल संरक्षित करने का है बल्कि उसे बढ़ावा देने का भी है। युवा कवियों को मिला यह मंच प्रदेश के साहित्य और संस्कृति की समृद्धि में एक बड़ा योगदान दे रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने में सहायक साबित होंगे।
