विधानसभा शीतकालीन सत्र: छत्तीसगढ़ में इस बार के शीतकालीन सत्र को लेकर हलचल पहले से ही तेज है। वजह भी खास है-नया विधानसभा भवन, नई तारीख और पहले ही दिन भविष्य को लेकर गंभीर मंथन। अटल नगर (नवा रायपुर) में 14 दिसंबर से शुरू होने वाला यह सत्र कई मायनों में यादगार माना जा रहा है।
विधानसभा शीतकालीन सत्र: पहले दिन भविष्य की तस्वीर: विजन 2047
अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि सत्र की शुरुआत एक ऐसी चर्चा से होगी जो राजनीति से पूरी तरह अलग है।‘विजन 2047’ पर होने वाला विमर्श राज्य की आने वाली पीढ़ियों के सपनों, विकास योजनाओं और लंबे लक्ष्यों को लेकर होगा।डॉ. रमन के मुताबिक, यह विषय ऐसा है जिस पर सभी दलों की सहमति और सहभागिता जरूरी है और उम्मीद भी यही है कि चर्चा सार्थक रहेगी।
Read More-CG Political News: CM विष्णु देव साय ने कैबिनेट की बैठक ली
विधानसभा शीतकालीन सत्र: विधानसभा के 25 साल का सफरनाम
इस बार सत्र रविवार को बुलाने का एक दिलचस्प कारण है।ठीक 25 साल पहले—14 दिसंबर 2000-को छत्तीसगढ़ विधानसभा की पहली बैठक हुई थी।अब तक 76 सत्र, 773 बैठकें और 3456 घंटे से ज्यादा की कार्रवाई… इन आंकड़ों में दो दशक का पूरा लोकतांत्रिक सफर छिपा है।
Read More-छत्तीसगढ़ के 6 यूनिवर्सिटी के साथ MoU, देश में पहली बार शुरू होगा ‘रक्षक पाठ्यक्रम’
दूसरे दिन बजट
सत्र के दूसरे दिन सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी।इस पर 16 दिसंबर को चर्चा तय है।इसके अलावा दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक भी लाने की तैयारी की गई है, जो कारोबारी ढांचे में कुछ नई व्यवस्थाएं जोड़ सकता है।
नए विधानसभा भवन में दिखेगा पूरा छत्तीसगढ़
अध्यक्ष ने यह भी बताया कि नए भवन की दीवारें सिर्फ सजावटी नहीं होंगी—उन पर छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू होगी।गलियारों में बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़… यानी पूरे प्रदेश की कला और संस्कृति की झलक दिखाई देगी।इस काम के लिए संस्कृति विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है और नए लोकसभा भवन की सजावट को भी देखा जा रहा है।
पेपरलेस की ओर बड़ा कदम
इस सत्र में विधानसभा का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन प्रक्रिया में काम करेगा। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि 96% से दा प्रश्न डिजिटल माध्यम से प्राप्त हुए हैं।चिप्स की मदद से विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की तैयारी जारी है.यह बदलाव आने वाले वर्षों में कार्यप्रणाली को काफी आसान कर सकता है।
