Chhattisgarh Weather Update: बिलासपुर-कोरबा में बिजली गिरने की संभावना
Chhattisgarh Weather Update: राजधानी रायपुर में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा। सुबह होते ही आसमान में घने बादल छा गए और शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने आने वाले 5 दिनों के लिए छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है।
33 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं बिलासपुर, कोरबा सहित अन्य 31 जिलों में सिर्फ बिजली गिरने का अलर्ट है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदान, ऊंचे पेड़, मोबाइल फोन और बिजली के खंभों से दूर रहें।
24 घंटे में 24 जिलों में बरसे बादल, दुर्ग सबसे गर्म
शुक्रवार को राज्य के 24 से ज्यादा जिलों के 69 स्थानों पर बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य में औसतन 25.51 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो दुर्ग 31.2°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि पेण्ड्रा 22.2°C के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा।बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 245.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 115.5% ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर राजनांदगांव और सुकमा में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है—राजनांदगांव में 80% और सुकमा में 69% की कमी दर्ज की गई है।
19 जिलों में कम बारिश, 2 जिलों में अत्यधिक कमी
राज्यभर के आंकड़ों के मुताबिक:
- 1 जिला: बहुत अधिक बारिश (बलरामपुर)
- 3 जिले: सामान्य से अधिक बारिश
- 8 जिले: सामान्य बारिश
- 19 जिले: सामान्य से कम बारिश
- 2 जिले: बहुत कम बारिश (राजनांदगांव, सुकमा)
इससे साफ है कि अब भी छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा मानसून की भरपाई का इंतजार कर रहा है।
पिछले 7 दिन में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
हालांकि जून की शुरुआत धीमी रही, लेकिन 19 जून से 25 जून के बीच 59.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 66.6 मिमी से सिर्फ 10% कम है। यानी कि पिछले सप्ताह में बारिश की स्थिति में सुधार आया है और मानसून अब सक्रिय होता दिख रहा है।
मई में रिकॉर्ड बारिश, अब ठहरा मानसून
मई महीने में छत्तीसगढ़ में औसत से 373% ज्यादा बारिश हुई थी। 22 से 28 मई के बीच ही 53.51 मिमी बारिश हो चुकी थी, जिससे राज्य में मानसून की शुरुआत शानदार रही। लेकिन जून के मध्य से मानसून की गति कुछ धीमी पड़ी है और पिछले 12 दिनों से ठहराव की स्थिति बनी हुई है।
मानसून की अवधि लंबी होने की उम्मीद
इस साल मानसून 24 मई को ही केरल पहुंच गया था, जो कि सामान्य तिथि 1 जून से 8 दिन पहले है। यदि मानसून अपने सामान्य समय 15 अक्टूबर तक ही विदा होता है तो इस साल इसकी कुल अवधि 145 दिन होगी। ऐसे में यदि ब्रेक की स्थिति न बनी तो मानसून की यह लंबी अवधि खेती-बाड़ी के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
यलो अलर्ट वाले जिलों में बिजली गिरने की आशंका है, लोग खुले में ना निकलें।
बिजली गिरने के समय मोबाइल, छाता या ऊंची चीजें उपयोग में ना लाएं।
किसान जलभराव और खेतों की सुरक्षा के इंतजाम रखें।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकालें।
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