छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में हुई एक अनोखी शादी ने सामाजिक और कानूनी बहस को जन्म दे दिया है। यहां एक युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ सात फेरे लेकर विवाह किया। खास बात यह रही कि इस शादी में न कोई विवाद हुआ और न ही किसी पक्ष ने आपत्ति जताई।

एक मंडप में दो शादियां
फरसगांव ब्लॉक के बैलगांव में आयोजित इस विवाह में दूल्हा हितेश यादव ने शंकरपुर और बनियागांव की दो युवतियों से शादी की। समारोह पूरी परंपरा और रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। दोनों दुल्हनों के परिवार और स्थानीय समाज की सहमति से यह रिश्ता तय किया गया था.शादी के कार्ड में भी दोनों दुल्हनों के नाम छापे गए, जो इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। विवाह के दौरान दूल्हे ने दोनों दुल्हनों के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए, जबकि कुछ रस्में अलग-अलग भी निभाई गईं।
खुशी का माहौल, सोशल मीडिया पर चर्चा
शादी के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल रहा। दूल्हा-दुल्हन और बारातियों ने डीजे पर नाचकर इस अनोखे आयोजन का उत्सव मनाया। सोशल मीडिया पर भी यह शादी तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सवाल- क्या होगी कानूनी कार्रवाई?
हालांकि यह विवाह सामाजिक सहमति से हुआ, लेकिन भारतीय कानून के तहत एक समय में एक से अधिक विवाह करना वैध नहीं है। हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार, पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना अवैध माना जाता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है.कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस मामले में शिकायत दर्ज होती है, तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अब तक किसी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है।
