Special Intensive Revision Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में बिहार की तर्ज पर विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे होने जा रहा है। इस सर्वे का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाना है, जिससे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कोई भ्रांतियां न हों। आज शाम राज्य निर्वाचन आयोग एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारी इसकी प्रक्रिया और समयसीमा की घोषणा करेंगे।
टॉप-टेबल एक्सरसाइज
इस सर्वे की तैयारी के तहत राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर सभी जिलों में पुरानी और वर्तमान मतदाता सूची का टेबल-टॉप एक्सरसाइज (मिलान) पहले ही करवा ली गई है। यह कदम सर्वे की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं का पंजीकरण होगा, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जिससे मतदाता सूची और अधिक सटीक बनेगी। इससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाता को लोकतंत्र में विश्वास मिलेगा।
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देशभर में SIR सर्वे
सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, देश के 10 से 15 अन्य राज्यों में भी जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है। जहां स्थानीय निकाय चुनाव नहीं चल रहे, वहां पहले SIR कराया जाएगा। बिहार में पहले ही यह सर्वे सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और इसके अनुभवों को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में इसे लागू किया जा रहा है।
क्या भ्रष्टाचार होगा कम ?
छत्तीसगढ़ में 2.11 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। यह सर्वे चुनावों में बेहतर प्रतिनिधित्व और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करेगा। इस तरह की पहल से लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी जा सकेगी और निर्वाचन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को कम किया जा सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मतदान की प्रक्रिया सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगी।
