Chhattisgarh Shramik Sahayata Yojana 2025 : 38 हजार से अधिक श्रमिकों को ₹19.71 करोड़ की सहायता राशि
Chhattisgarh Shramik Sahayata Yojana 2025 : छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिक परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए लगातार योजनाएं ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों और उनके बच्चों को बड़ी राहत और प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
मेधावी बच्चों को शिक्षा सहायता राशि
कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉप 10 में स्थान पाने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 31 मेधावी बच्चों को 2-2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी श्रमिक परिवार का बच्चा विदेश पढ़ाई के लिए जाना चाहे तो ₹50 लाख तक की सहायता राशि दी जाएगी।
सीधे खातों में ₹19.71 करोड़ ट्रांसफर
इस अवसर पर श्रमिक कल्याण मंडल में पंजीकृत 38,200 श्रमिकों को ₹19.71 करोड़ की सहायता राशि उनके खातों में ट्रांसफर की गई। यह राशि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत दी गई, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा उपकरण, छात्रवृत्ति, सायकल, सिलाई मशीन और मकान सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने साझा किए अपने अनुभव
मुख्यमंत्री साय ने श्रम राज्यमंत्री के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा,”प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने श्रमिकों के पेंशन, पीएफ और यूनिवर्सल नंबर जैसे कई क्रांतिकारी निर्णय लिए।”उन्होंने बताया कि 27 हजार करोड़ की PF की अनक्लेम्ड राशि को श्रमिकों के हित में उपयोग में लाने का ऐतिहासिक फैसला भी इसी दौरान लिया गया था।
बड़ी योजनाएं, बड़े लाभ
यहाँ उन प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई है जिनके तहत सहायता राशि वितरित की गई:
| योजना का नाम | लाभार्थी | राशि (₹ में) |
| मिनीमाता महतारी जतन योजना | 1,915 श्रमिक | 3.83 करोड़ |
| मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना | 279 श्रमिक | 10.33 लाख |
| श्रमिक औजार सहायता योजना | 6,319 श्रमिक | 2.19 करोड़ |
| सिलाई मशीन सहायता योजना | 12 श्रमिक | 94,800 |
| नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना | 4,825 श्रमिक | 96.17 लाख |
| नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना | 155 परिवार | 37.63 लाख |
| सुरक्षा उपकरण सहायता योजना | 4,939 श्रमिक | 74.08 लाख |
| निशुल्क यूनिफॉर्म व कॉपी-बुक योजना | 15,066 श्रमिक | 2.00 करोड़ |
| श्रमिक मृत्यु/दिव्यांग सहायता योजना | 264 श्रमिक | 2.64 करोड़ |
| दीदी ई-रिक्शा योजना | 7 श्रमिक | 7 लाख |
| निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना | 25 श्रमिक | 25 लाख |
श्रमिकों की बदलती ज़िंदगियाँ
कार्यक्रम के दौरान योजना से लाभान्वित कुछ बच्चों ने अपनी प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं हीरा सिंह (सूरजपुर) – अब एक जूनियर डेटा साइंस डेवलपर, उन्हें 4.10 लाख की सहायता मिली जिससे IIIT से B.Tech की पढ़ाई पूरी हुई।अमलेंद्र पैंकरा – मजदूर परिवार से हैं, B.Tech अंतिम वर्ष के छात्र हैं, और योजना की मदद से कॉलेज की फीस चुका पा रहे हैं।दीपक पैंकरा – सूरजपुर के छोटे गांव से निकलकर IIIT, रायपुर पहुंचे। उन्हें अब तक लगभग 4 लाख रुपए की मदद मिली।
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