छत्तीसगढ़ भर्ती घोटाला: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में धांधली के आरोपों के बीच हाईकोर्ट ने पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और परीक्षा उप-नियंत्रक ललित गनवीर की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज कर दी। न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, इसलिए केवल लंबी न्यायिक हिरासत के आधार पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ भर्ती घोटाला: पद के दुरुपयोग के आरोप
सीबीआई की जांच में पाया गया कि 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। इस मामले की गंभीरता देखते हुए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
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छत्तीसगढ़ भर्ती घोटाला: आरक्षक भर्ती पर रोक
हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि 6,000 पदों पर चल रही आरक्षक भर्ती में अगली सुनवाई तक किसी भी चयनित उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र न जारी किया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 के लिए तय की है। याचिकाकर्ताओं के वकील मतीन सिद्दिकी ने बताया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. बिलासपुर एसएसपी और चयन समिति के अध्यक्ष द्वारा 19 दिसंबर 2024 को पुलिस मुख्यालय रायपुर को लिखे गए पत्र के अनुसार, फिजिकल टेस्ट में कई अनियमितताएं पाई गई थीं। अब तक लगभग 2,500 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। याचिकाकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि यदि नियुक्तियों पर रोक नहीं लगाई गई तो भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
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अगली सुनवाई पर नजर
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक किसी भी नियुक्ति को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा। यह आदेश भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
