Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी हिरासत को लेकर आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। चैतन्य पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं और उन्होंने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। यह सुनवाई हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में हो रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था।

Chhattisgarh Politics: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर भिलाई स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने दो हजार करोड़ के शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग में भागीदारी की और अपनी रियल एस्टेट फर्मों के माध्यम से 16.70 करोड़ रुपये की अवैध आय को छिपाया। ईडी ने विशेष अदालत से अनुमति लेकर पहले उन्हें पांच दिन की रिमांड पर लिया, और फिर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
Chhattisgarh Politics: शिंदे पर हुए हमले का हवाला देकर की गई मांग
चैतन्य के वकील ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें जेल में सुरक्षा प्रदान की जाए और सप्ताह में एक बार परिवार से तथा प्रतिदिन वकील से मिलने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, ईडी ऑफिस के CCTV फुटेज को 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का भी आवेदन दिया गया है। यह मांग कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर हुए हमले का हवाला देकर की गई है।
Chhattisgarh Politics: 6 अगस्त को अलग से सुनवाई करेगा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे ने हिरासत को चुनौती देने के साथ-साथ पीएमएलए कानून की कुछ धाराओं को असंवैधानिक घोषित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इन धाराओं के जरिए ईडी को अत्यधिक शक्तियां दी गई हैं।
Chhattisgarh Politics: जिसका बैंकिंग रिकॉर्ड में उल्लेख है।
ईडी का आरोप है कि चैतन्य ने स्थानीय व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर ‘विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ के जरिए फर्जी तरीके से पांच करोड़ रुपये की लेन-देन की योजना बनाई। ढिल्लों को शराब सिंडिकेट से भुगतान भी मिला था, जिसका बैंकिंग रिकॉर्ड में उल्लेख है।
भूपेश बघेल का कहना है कि यह कार्रवाई विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और अवैध वृक्ष कटाई जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए की गई है, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे सहयोग करेंगे।
