मान्यता के लिए रिश्वत देने के मामले में हुआ एक्शन
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज को सीबीआई जांच के बाद “जीरो ईयर” घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि इस साल कॉलेज में नए छात्रों का दाखिला नहीं होगा. नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने यह फैसला रिश्वत कांड में फंसे होने के कारण लिया है.
भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की रडार पर
भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की रडार में आए रायपुर का श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड मेडिकल साइंसेज कॉलेज को जीरो ईयर घोषित किया गया है. यानी कि इस वर्ष रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं हो सकेगा. बता दें कि रावतपुरा मेडिकल कॉलेज पर मान्यता के लिए रिश्वत देने का आरोप है.छत्तीसगढ़ में पांच निजी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रोकी गई थी, जिसमें से चार को क्लीयर कर दिया गया है. वहीं, रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष नए कोर्स के लिए दाखिला नहीं होगा.
रिश्वत मामले में छह गिरफ्तार
रिश्वत देकर निजी मेडिकल कॉलेज की मान्यता के सिंडिकेट में रावतपुरा सरकार के डायरेक्टर अतुल तिवारी समेत छह लोगों को सीबीआई ने 2 जुलाई के दिन गिरफ्तार किया था. सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद एनएमसी निजी मेडिकल कॉलेज की इंस्पेक्शन रिपोर्ट की जांच की गई. जांच के बाद रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज की 2025-26 यूजी कोर्स को जीरो ईयर घोषित कर दिया गया है. बता दें कि एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) निजी मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देता है और चिकित्सा शिक्षा को विनियमित करता है.
55 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारियों पर निरीक्षण करने वाले डॉक्टरों को रिश्वत देकर मनचाही रिपोर्ट पेश करने के लिए 55 लाख रुपये रिश्वत देने का आरोप है. उन्होंने रिश्वत के बदले मेडिकल कॉलेज के प्रति पॉजिटिव निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था. रिश्वत का पैसा बेंगलुरू में दिया गया था.
