NHM employees strike end Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16000 से अधिक कर्मचारियों की एक महीना चली अनिश्चितकालीन हड़ताल अब खत्म हो गई है। सरकार से सहमति मिलने के बाद सभी कर्मचारी काम पर लौटने का निर्णय ले चुके हैं, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है।
18 अगस्त से कर रहे थे हड़ताल
छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारी अपनी 10 मांगों को लेकर 18 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. बता दें कि इससे पहले 13 अगस्त 2025 को आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रस्तुत 10 मांगों में से 5 मांगों पर सहमति व्यक्त कर आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके थे, जबकि शेष मांगों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श जारी था.
10 में से 4 मांगे पूरी
NHM कर्मचारियों की दस सूत्रीय मांगों में से चार मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं। इनमें जुलाई 2023 से पांच प्रतिशत वेतन वृद्धि, 30 दिनों का सैलरीड लीव, वार्षिक कार्य मूल्यांकन की प्रक्रिया में पारदर्शिता, और पांच लाख तक का कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस शामिल है। बाकी तीन मांगों पर जल्दबाजी में निर्णय के लिए कमेटी गठित की गई है और शेष तीन को केंद्र सरकार से मंजूरी के लिए भेजा गया है।
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मुख्यमंत्री साय ने किया फैसले का स्वागत
CM विष्णुदेव साय ने कर्मचारियों के इस फैसले को स्वागतयोग्य बताया है उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और कर्मियों के संयुक्त प्रयास से जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
हड़ताल के असर और प्रशासन की चेतावनी
हड़ताल के कारण राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वैकल्पिक इंतजाम किए गए, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
सरकार ने चेतावनी दी थी कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे बातचीत से समाधान की राह खोली गई।
सरकार ने कर्मचारियों की मांगें मानते हुए उनकी नियमितीकरण, ग्रेड पे निर्धारण, स्थानांतरण, अवकाश आदि विषयों पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कमेटी गठित की है।
इन सुझावों पर अगले तीन महीने में निर्णय होगा। कर्मचारी अब राज्यहित और जनता की सेवा में लगेंगे, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गति वापस मिलेगी।
