Chhattisgarh Naxalites Surrender: नक्सलियों का महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सेंट्रल कमेटी मेंबर मिलिंद तिलतुमड़े का एनकाउंटर हुआ। अब सेंट्रल कमेटी मेंबर रामधेर, प्रवक्ता अनंत और SZCM कबीर ने अपने 33 साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। हालांकि, छोटा दीपक समेत कुछ ही नक्सली हचे है , सरेंडर करने की कोशिश में हैं।
मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन 3 राज्यों के बॉर्डर को नक्सलियों ने अपना MMC जोन बनाया था। MMC जोन में करीब 40 से 45 नक्सली ही सक्रिय थे। सूत्रों के अनुसार,अब छोटा दीपक के साथ 5 से 6 पार्टी सदस्यों की एक छोटी टीम ही बची है। छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि इनके सरेंडर करने के बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर का इलाका नक्सल मुक्त हो गया।
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Chhattisgarh Naxalites Surrender: कैसे बिखरा संगठन
दरअसल, साल 2021 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में C-60 कमांडोज और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। जहां जवानों में MMC जोन के प्रभारी मिलिंद तिलतुमड़े समेत 26 नक्सलियों का एनकाउंटर किया था। यह MMC जोन के लिए सबसे बड़ा झटका था। इसके बाद इलाके में लगातार नक्सलियों पर फोर्स का दबाव बढ़ता गया।
Chhattisgarh Naxalites Surrender: नक्सली ने किया सरेंडर
वहीं साल 2023 में नक्सली लीडर और GBR (गोंदिया, बालाघाट और राजनांदगांव) डिवीजन का प्रभारी मंगू की मौत हो गई थी। इसी दौरान नक्सल संगठन ने नक्सली रामधेर को CCM बनाकर इस इलाके में भेजा था। रामधेर बीजापुर जिले का रहने वाला है। ये हिड़मा का सीनियर लीडर है। हालांकि, रामधेर की चर्चा नक्सल संगठन में बहुत ज्यादा नहीं थी।
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शाह का लक्ष्य- 31 मार्च 2026 तक नक्सल का खात्मा
गृहमंत्री शाह ने नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। सुरक्षाबल लगातार इस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं।
