छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन
सीएम बोले- कभी भी हो सकता है आतंक का सफाया
छत्तीसगढ़ और तेलांगना की सीमा पर पहाड़ियों पर मौजूद नक्सलियों को पकड़ने के लिए चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के आठवें दिन सोमवार को छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने इसकी समीक्षा की.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार दृढ़ता से कार्य कर रही है.उन्होंने बताया कि अभियान में हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी शामिल हैं.
24 हजार जवान ऑपरेशन में शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (DRG), ‘बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (STF), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और इसकी विशिष्ट इकाई ‘कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन समेत विभिन्न इकाइयों के लगभग 24 हजार जवान शामिल हैं. यह अभियान 21 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर अंतरराज्यीय सीमा बीजापुर और मुलुगु के दोनों ओर लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले करे गुट्टा और दुर्गम गुट्टा की पहाड़ियों और घने जंगल में शुरू किया गया था.
यहां चल रहा है ऑपरेशन
अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में अभियान चल रहा है, वह पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है. इसे माओवादियों की ‘पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर एक’ का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है. ‘बटालियन नंबर’ एक माओवादियों का सबसे मजबूत सैन्य संगठन है.
सभी बड़े नक्सल लीडरों का है अड्डा
अभियान की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि ‘पीएलजीए बटालियन नंबर एक’, तेलंगाना राज्य समिति और माओवादियों की ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएस जेडसी)’ से जुड़े पांच सौ से अधिक नक्सली हिडमा, बरसे देवा और दामोदर जैसे खूंखार नक्सलियों के नेतृत्व में इस इलाके में छिपे हुए हैं. ये नक्सली एक बैठक के लिए यहां एकत्र हुए थे.
नक्सलियों के खात्मे तक चलेगा अभियान
अधिकारी ने पहले कहा था यह अभियान टेस्ट क्रिकेट मैच की तरह है. मैच लंबा चलेगा और हर सत्र में हमें बहुत रोमांचक खबर नहीं मिलेगी. लेकिन मैच के अंत में, हमें बहुत अनुकूल परिणाम की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि,,,
जब तक क्षेत्र को माओवादियों के अवैध और प्रतिबंधित संगठनों से मुक्त नहीं कर दिया जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पास अब भी हिंसा छोड़ने और आत्मसमर्पण करने का विकल्प है. अधिकारी ने बताया कि 24 अप्रैल को कर्रे गुट्टा पहाड़ियों पर तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया गया और इस दौरान सुरक्षाबलों ने हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्रियों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया.
नक्सली के पिछाए प्रेशर बम के शिकार हुए जवान
उन्होंने कहा कि,,,
अब तक, हमारे सभी जवान सुरक्षित है. दुर्गम इलाके और भीषण गर्मी की कठिनाइयों को छोड़कर कोई समस्या नहीं है. चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों का मनोबल ऊंचा है. इस अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम में विस्फोट होने से डीआरजी और एसटीएफ के एक-एक जवान मामूली रूप से घायल हो गए थे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभियान में शामिल कुछ जवानों को पानी की कमी और लू लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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