Chhattisgarh Naxal Encounter:छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने नक्सल संगठन के 10 सदस्यों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों में एक कुख्यात सीसी (सेंट्रल कमेटी) सदस्य मनोज उर्फ बालकृष्ण भी शामिल है, जो संगठन में एक अहम पद पर था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता आ रहा था।

जवाबी कार्रवाई में 10 नक्सली मारे गए
यह मुठभेड़ गरियाबंद के घने जंगलों में उस समय हुई जब सुरक्षाबलों को नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली। इसके बाद एक विशेष अभियान चलाया गया जिसमें CRPF, DRG और STF की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई की, जिसके दौरान दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में 10 नक्सली मारे गए।
Chhattisgarh Naxal Encounter: लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। मौके से मिली जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में कई पर लाखों का इनाम घोषित था और वे लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे।
Chhattisgarh Naxal Encounter: नक्सल संगठन किसी बड़ी साजिश की तैयारी
सीसी सदस्य मनोज उर्फ बालकृष्ण की मौत को सुरक्षा एजेंसियां एक बहुत बड़ी सफलता मान रही हैं, क्योंकि वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई गंभीर मामले दर्ज थे। उसकी मौजूदगी मुठभेड़ स्थल पर होना यह संकेत देता है कि नक्सल संगठन किसी बड़ी साजिश की तैयारी में था।
कोई नक्सली बचकर भाग न सके
इस अभियान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। साथ ही, आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान भी तेज़ कर दिए गए हैं ताकि कोई नक्सली बचकर भाग न सके।
छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों ने इस अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से नक्सलियों के हौसले पस्त होंगे और आने वाले समय में उनकी गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
