chhattisgarh narayanpur: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। माड़ डिवीजन और अमेदई एरिया कमेटी में सक्रिय 6 माओवादियों (4 महिला और 2 पुरुष) ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सभी माओवादियों ने समाज की मुख्य धारा में लौटने की शपथ ली।
chhattisgarh narayanpur: सरेंडर करने वालों को 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि
सरेंडर करने वाले माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। पुलिस ने बताया कि साल 2025 में अब तक कुल 110 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इन्हें घर, नौकरी और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि वे नक्सलवाद की राह छोड़कर सामान्य जीवन बिता सकें।
विकास कार्यों और मतभेदों से टूटा भरोसा
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि सड़कों, बिजली-पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास ने नक्सलियों को प्रभावित किया है। साथ ही, संगठन के भीतर लगातार बढ़ रहे आंतरिक मतभेद और निराशा भी आत्मसमर्पण की वजह बने हैं। ‘‘माड़ बचाओ अभियान’’ ने नक्सल प्रभावित इलाकों में नई उम्मीदें पैदा की हैं।
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ये हैं सरेंडर करने वाले माओवादी
- धनाय हलामी (24 वर्ष) – अमदेई एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख का इनामी, बीजापुर निवासी
- दशमती कोवाची (20 वर्ष) – नेलनार एलओएस सदस्य, 1 लाख का इनामी, नारायणपुर निवासी
- सुकाय उर्फ रोशनी (20 वर्ष) – कुतुल एरिया पार्टी सदस्य (पीएम), 1 लाख का इनामी
- चैतराम उसेण्डी उर्फ रूषी (28 वर्ष) – सीसी गार्ड (पीएम), 1 लाख का इनामी
- गंगू पोयाम (20 वर्ष) – डीवीसी गार्ड (पीएम), 1 लाख का इनामी
- शारी उर्फ गागरी कोवाची (20 वर्ष) – एसीएम गार्ड (पीएम), 1 लाख का इनामी
