Chhattisgarh Mahtari Statue Vandalism : रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया, वहीं पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे जनता का अपमान बताया है।
घटना का विस्तार
राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक पर स्थित राम मंदिर के पास लगी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति रात में अज्ञात लोगों ने खंडित कर दी।जैसे ही लोगों को घटना का पता चला, मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला बताते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की।
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पुलिस की कार्रवाई
घटना पर विरोध जताने पहुंचे क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर बयान देते हुए मूर्ति को तोड़े जाने को जनता का अपमान बताया। उन्होंने साफ कहा कि राज्य की अस्मिता पर हमला सहन नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आरोपियों की तलाश जारी
रायपुर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मूर्ति के पुनर्निर्माण का काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है जिससे आरोपियों की पहचान हो सके।
सामाजिक और सांस्कृतिक असर
छत्तीसगढ़ महतारी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और सम्मान का प्रतीक है। मूर्ति के खंडित होने पर लोगों में गहरा दुख और नाराजगी देखी जा रही है। राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसर से पहले हुई इस घटना ने समाज में असंतोष की भावना बढ़ा दी है।
इस घटना के बाद प्रशासन की पारदर्शिता और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी को लेकर आक्रोशित लोगों की निगरानी की जा रही है। क्षेत्रीय अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के लिए यह घटना एक बड़ा संदेश छोड़ गई है।
