Chhattisgarh Maharashtra border : छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में नक्सली मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए हैं, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। यह फंसाना और हिंसक मुठभेड़ बीजापुर जिले के नेशनल पार्क इलाके में पुलिस, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में हुई। इस एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों में उच्च-प्रोफ़ाइल कमांडर भी शामिल है, जो मड्डेड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज था।
मुठभेड़ का विवरण
सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र में गुप्त खुफिया सूचना पर कार्रवाई की, जहां पहले से ही नक्सली सक्रिय थे। सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर अवैध हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सली नेटवर्क के अन्य अहम दस्तावेज़ भी बरामद किए हैं। मुठभेड़ में कई नक्सली टॉप कमांडर्स को मार गिराया गया है, जिसकी पुष्टि बीजापुर एसपी और अन्य अधिकारी कर रहे हैं। यह मुठभेड़ अभी भी जारी है, और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चल रहा है।
मां ने क्या कहा ?
हिड़मा की मां माड़वी पुंजी ने अपने बेटे से कहा कि कहां पर हो, आ जाओ कह रही हूं। कहीं आसपास रहता तो जंगल में ढूंढने भी जाती, और क्या कहूं बेटा, घर आजा बोल रही हूं। घर आजा। गांव में ही कमाई करके खाएंगे, जीएंगे। जनता के साथ जी लेना आ जाओ।
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गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, नक्सली सरेंडर करेंगे, तो उन्हें वापस आने का सुरक्षित रास्ता भी दिया जाएगा। आने के बाद पुनर्वास भी कराया जाएगा। वर्ना जो प्रक्रिया है सर्चिंग की वो चलेगी। अगर नक्सलियों की तरफ से हमला होता है, तो उसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया और लड़ाई का प्रभाव
मुठभेड़ के दौरान क्षेत्र में कई किलोमीटर तक गोलियों की आवाज सुनी गई और स्थानीय ग्रामीण भयभीत हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नक्सली घटनाएं बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं, और सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई जारी है। घर लौटने पर, नक्सली ग्रामीणों की मांगे हैं कि वे अपने गांव वापस आ जाएं और सभ्य जीवन जीएं।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आगे की योजना
सुरक्षा बलों का उद्देश्य नक्सलियों के नीतियों को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए लगातार सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी का अभियान चल रहा है। यह मुठभेड़ छह दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें कई नक्सली मारे गए हैं और भारी हथियार जब्त हुए हैं।
यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा पर नक्सली गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा बल लगातार इन क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं जिससे माओवादी नेटवर्क को और कमजोर किया जा सके। ग्रामीण और राज्य सरकार दोनों ही इस दिशा में समर्पित हैं कि क्षेत्र को पूर्णतः नक्सली मुक्त किया जाए।
