Chhattisgarh liquor scam : छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और कारोबारी दीपेन चावड़ा को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। दोनों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने इस दौरान ‘Big-Boss’ नामक वॉट्सऐप ग्रुप की जानकारियों को क्रॉस चेक किया, जिसमें घोटाले से जुड़ी वित्तीय व प्रशासनिक गतिविधियों की चर्चा होती थी।
‘Big-Boss’ वॉट्सऐप ग्रुप
व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया जैसे कई आरोपित शामिल थे। इस ग्रुप के माध्यम से करोड़ों रुपए की हेराफेरी, मनी लॉन्ड्रिंग और लेन-देन की पूरी जानकारी साझा की जाती थी। भ्रष्टाचार को लेकर रणनीतियाँ बनाई जाती थीं। जांच एजेंसी ने मोबाइल चैट्स और सोशल मीडिया डाटा से इस ग्रुप का पूरा नेटवर्क खोलने की कोशिश की है।
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कोर्ट में पेशी
पूर्व आईएएस अधिकारी निरंजन दास समेत कई अन्य अधिकारियों की कोर्ट में पेशी हो चुकी है। निरंजन दास पहले भी कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में संलिप्त पाए गए थे। ईओडब्ल्यू ने इस घोटाले में उनकी भूमिका पर जांच तेज कर दी है।
घोटाले की रकम और आरोप
2019 से 2022 के बीच कांग्रेस शासन के समय यह शराब घोटाला हुआ। घोटाले की राशि लगभग ₹3,200 करोड़ आंकी गई है। आरोप है कि सरकारी और गैरकानूनी शराब बिक्री से नकदी वसूली, रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग की गई। चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने लगभग ₹1,000 करोड़ की कमाई को अपने कब्जे में रखा। इसके साथ ही कई सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों ने मिलकर इस सिंडिकेट को चलाया।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई
जांच एजेंसी ने आरोपी चैतन्य और दीपेन को 6 अक्टूबर और 29 सितंबर तक की रिमांड पर भेजा है। दोनों से विस्तार से पूछताछ जारी है। इसके अलावा एडीशनल डिजिटल एविडेंस, बैंक लेनदेन और मोबाइल चैट्स की समीक्षा करके आरोपी नेटवर्क को पकड़ा जाएगा। इस घोटाले की जांच अभी भी कई स्तर पर जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
