chhattisgarh heavy rainfall korba waterfall rescue: भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के कई जिले जलमग्न
chhattisgarh heavy rainfall korba waterfall rescue: छत्तीसगढ़ में मानसून का कहर जारी है। पिछले चार दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बलौदाबाजार में खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि बिलासपुर के कई इलाकों में पानी भर गया है। वहीं, कोरबा जिले में देवप्रहरी वाटरफॉल में फंसे पांच युवक-युवतियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सेल्फी पॉइंट पर अचानक बढ़ा जलस्तर
सोमवार शाम को कोरबा के देवप्रहरी वाटरफॉल में तीन लड़कियां और दो लड़के घूमने गए थे। सभी लोग सेल्फी पॉइंट पर मौजूद थे, तभी अचानक वाटरफॉल का जलस्तर बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होते ही पांचों फंस गए और चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने रात तक चले अभियान के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद और कांकेर जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, रायपुर, धमतरी, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़, मुंगेली समेत 15 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी है। सरगुजा संभाग के छह जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

बिलासपुर और बलौदाबाजार में जलभराव
सोमवार को लगातार बारिश की वजह से बिलासपुर के कई इलाके पानी में डूब गए। सड़कों पर नालियों का पानी बहने लगा, जिससे आवागमन बाधित हुआ। वहीं, बलौदाबाजार में खेतों में पानी भरने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
प्रदेश में अब तक 291.9 मिमी बारिश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 7 जुलाई शाम 5 बजे तक छत्तीसगढ़ में औसतन 291.9 मिमी वर्षा हो चुकी है। बलरामपुर जिले में सबसे अधिक 447.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि बेमेतरा में अब तक मात्र 113.7 मिमी वर्षा हुई है।
राजनांदगांव में सामान्य से 60% कम बारिश
राजनांदगांव जिले में अब तक केवल 94 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 60% कम है। यहां औसतन 214 मिमी वर्षा होनी थी। कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसल की बुवाई पर पड़ा है। जिले में अभी तक केवल 55% क्षेत्र में ही धान की बुवाई हो पाई है। हालांकि, रविवार रात और सोमवार को हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली है।
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