Chhattisgarh Government Naxal Policy : 120 दिन में बदल जाएगी माओवादियों की लाइफ
Chhattisgarh Government Naxal Policy :छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों को अब तक का सबसे बड़ा ऑफर दिया है। जिससे नकस्ली नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करें और अपनी नॉर्मल जिंदगी जी सकें। सरकार के इस ऑफर से सिर्फ 120 दिन में माओवादियों की पूरी जिंदगी बदली जा सकती है.
साय सरकार का बिग ऑफर
पहली बार सरकार ने यह भी कहा है कि अगर नक्सली ग्रुप में सरेंडर करते हैं तो उन्हें उनपर जारी इनाम को दोगुना करके वही इनाम उन्हें दे दिया जाएगा। अगर बंदूकें लेकर नक्सली आते हैं तो और भी फायदे हैं।LMG (लाइट मशीन गन) लाने पर 5 लाख और एक-47 लाने पर 4 लाख रुपए अलग से दिए जाएंगे और क्या-क्या फायदे नक्सलियों को देने का ऐलान सरकार ने किया है पढ़िए इस रिपोर्ट में।
ये है नई ग्रुप सरेंडर पॉलिसी
नई ग्रुप सरेंडर पॉलिसी के तहत नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार ने कहा है कि उनपर जारी इनाम डबल करके उन्हें दिया जाएगा।सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां 1 करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
10 दिन के अंदर मिलेगी सहायता राशि
नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें अलग-अलग युनिट मानते हुए पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरेंडर करने के 10 दिनों के भीतर कलेक्टर सहायता राशि नक्सलियों को दिलवाएंगे।
3 साल तक हर महीने मानदेय
इतना ही नहीं, तीन साल तक हर महीने 10,000 रुपए मानदेय भी दिया जाएगा। आवास के लिए शहरी इलाके में प्लाट, ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि, स्वरोजगार और व्यवसाय से जुड़ने की योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
बम कहां लगा है बताने पर इनाम
यदि कोई सरेंडर नक्सली, नक्सलियों के लगाए बम कहां-कहां हैं ये बताता है तो उसे भी अलग इनाम मिलेगा। 15 से 25 हजार तक की अतिरिक्त राशि देने का नियम रखा गया है। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री पकड़वाने पर 1 लाख तक का इनाम मिलेगा।सरेंडर करने वाले नक्सली पर पहले से पुलिस ने केस दर्ज कर रखे हैं तो 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए कैबिनेट में केस खत्म करने का फैसला सरकार ले सकती है।
सरकार नक्सलियों की कराएगी शादी
नक्सली जब जंगलों में फोर्स के खिलाफ भटक रहे होते हैं तो वो प्यार-शादी नहीं कर सकते। नक्सल संगठन का यही नियम है। मगर कुछ नक्सली होते हैं जो आपस में शादी करना चाहते हैं। इसलिए कई बार ऐसे नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।
नक्सल मुक्त गांव को क्या मिलेगा
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री- गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया- सरेंडर करने वाले नक्सलियों को तुरंत 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। माओवाद मुक्त पंचायत घोषित होते ही संबंधित ग्राम पंचायत को 1 करोड़ रुपए की विकास निधि स्वीकृत की जाएगी। संबंधित गांवों को बस सेवा, मोबाइल नेटवर्क और बिजली कनेक्टिविटी से भी जोड़ा जाएगा।
नौकरी और स्कॉलरशिप भी
अगर किसी सरेंडर नक्सली ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान में पुलिस को मदद दी है और इसके कारण उसकी जान व संपत्ति को खतरा पैदा हुआ है, तो ऐसे प्रकरणों में उसे पुलिस विभाग के आरक्षक या उसके समकक्ष पद पर नियुक्त किया जा सकेगा। दूसरे विभाग में सरकारी नौकरी के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा जरूरी होगी।
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