छत्तीसगढ़ में शासन‑प्रशासन ने सराहनीय कदम उठाया है.जो आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बनाया जा रहा है. राज्य सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को साधारण दौरों, निरीक्षण एवं भ्रमण के दौरान ‘guard of Honour’ देने की परंपरा को बंद कर दिया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है
छत्तीसगढ़ गार्ड ऑफ ऑनर आदेश: परंपरा को अलविदा, काम पर जोर
गृह विभाग ने इस परंपरा के नियमों में संशोधन कर आदेश जारी किया है। गृह मंत्री विजय शर्मा की पहल के बाद यह बदलाव हुआ। आदेश में कहा गया है कि सामान्य दौरों पर मंत्रियों, गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक तथा वरिष्ठ अधिकारियों को सलामी guard of Honour नहीं दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस सलामी की परंपरा की जड़ें ब्रिटिश शासन के समय से जुड़ी मानी जाती हैं।
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छत्तीसगढ़ गार्ड ऑफ ऑनर आदेश: राजकीय अवसरों पर सलामी जारी
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर)
शहीद पुलिस स्मृति दिवस (21 अक्टूबर)
पुलिस दीक्षांत परेड एवं अन्य औपचारिक कार्यक्रम
