खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कर रहे हैं कार्य : साय
akanksha satyavanshi meets cm after world cup win:”छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।” यह कहना था विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का। उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा की।
सीएम साय ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़ की बेटी की राष्ट्रीय मंच पर चमक
नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग-फिट रहने का मंत्र: फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
2019 से जुड़ी है भारतीय टीम
छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं: मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा, “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें।
वर्ल्ड कप जीतना छत्तीसगढ़ का भी सम्मान
फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सीधा खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही। “मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।”
साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की।
Read More:- Digital Gold पर SEBI की चेतावनी
