Chhattisgarh cold wave impact : उत्तर और छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड या शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने कई जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। अंबिकापुर में इस साल 10 साल में सबसे कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है, जिससे लोगों को कड़ी ठंड का सामना करना पड़ रहा है
Chhattisgarh cold wave impact: कड़ाके की ठंड का असर
अंबिकापुर संभाग का न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहकर पिछले दशक में सबसे कम रिकॉर्ड हुआ है, जबकि अन्य जिलों जैसे दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा समेत कुल 13 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन का तापमान भी सामान्य से 2 से 3 डिग्री नीचे रह रहा है, जिससे आम लोगों के साथ खेती एवं पशुपालन पर भी असर पड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिन उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी.
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शीतलहर की वजह और मौसम का हाल
इस बार की सर्दी को प्रमुख रूप से ‘ला-नीना’ के असर से जोड़ा जा रहा है। ला-नीना के कारण उत्तरी भारत में तेज़ ठंडी हवाएं छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर रहा है। साफ आसमान के कारण रात के समय रेडिएशन कूलिंग होती है, जिससे ठंड अधिक महसूस होती है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में तापमान कम से कम इसी स्तर पर या उससे नीचे बना रह सकता है, लेकिन बाद में हवा के रुख बदलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.
शीतलहर में सावधानी बरतें
मौसम विभाग ने लोगों को शीतलहर के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बीमार व्यक्ति, बच्चे और बुजुर्ग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें तथा रात के समय घर के अंदर रहें। किसानों को भी खेत में काम करते समय ठंड से बचाव के उपाय करने के लिए कहा गया है। साथ ही, दुर्ग और बिलासपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी कड़ाके की ठंड का असर रोजगार और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है.
भविष्य की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, 20 से 21 नवंबर के बीच भी कई इलाकों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। उसके बाद हवा के रुख बदलने से तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा। फिलहाल शीतलहर के कारण पूरे प्रदेश में मौसम ठंडा और शुष्क बना हुआ है। आसमान साफ रहने के कारण यह ठंड और कड़ाके की हो रही है, जो आने वाले कुछ दिनों में यथावत रहने की संभावना है.
उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन भारी ठंड का सामना करना पड़ेगा, जहां अंबिकापुर ने पिछले दस वर्षों के सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड बनाया है। शीतलहर का यह दौर किसानों से लेकर आम जनमानस तक सभी के लिए चुनौती वाला रहेगा.
