Chhattisgarh cold wave impact : उत्तरी-मध्य छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक शीतलहर का असर रहेगा। इस दौरान मैनपाट जैसे पहाड़ी इलाकों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई हैं, जबकि मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा है। सर्द हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
शीतलहर का असर
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले पांच दिनों तक शीतलहर चलेगी। मैनपाट, पेंड्रा, अंबिकापुर और दुर्ग जैसे इलाकों में तापमान 4 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मैनपाट में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई हैं, जो इस सीजन की खास बात है। इस दौरान सुबह और शाम को ठंड का असर बहुत ज्यादा महसूस हो रहा है।
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तापमान और रिकॉर्ड
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम रहा है। दुर्ग में तापमान 10.2 डिग्री तक गिर गया है, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है। रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज किया गया है। इस तरह, प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तापमान सामान्य से कम रह रहा है।
लोगों पर असर
शीतलहर के चलते लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने की सलाह दी गई है। इस दौरान घना कोहरा भी छाने लगा है, जिससे यातायात में दिक्कतें आ रही हैं।
आगे की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक शीतलहर का असर जारी रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना कम है, लेकिन हल्की बारिश होने की भी संभावना बनी हुई है। नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में ठंड का महीना साबित हो रहा है और इस बार ठंड का असर और भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।
उत्तरी-मध्य छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक शीतलहर का असर रहेगा। मैनपाट में ओस जमकर बर्फ बन गई है, जबकि मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने की सलाह दी जा रही है।
