Chhattisgarh Coal Levy Scam 570 Crore : छत्तीसगढ़ में कोयला लेवी का बड़ा घोटाला सामने आया है जिसमें लगभग 570 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का आरोप है। यह घोटाला राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, कारोबारी और दलालों के मिलीभगत से हुआ है। जांच के दौरान यह पता चला कि ऑनलाइन मिलने वाले कोयला परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था और इस प्रक्रिया में कोयले के परिचालन कर्ताओं से मोटी रकम वसूली गई। इस घोटाले में पिट और परिवहन पास के नाम पर वसूली होती थी,
IAS-IPS अधिकारियों पर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में 10 वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। इसके तहत मुख्य सचिव अमिताभ जैन को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इनमें समीर बिश्नोई, रानू साहू, सौम्या चौरसिया समेत अन्य बड़े नाम शामिल हैं।
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Chhattisgarh Coal Levy Scam 570 Crore : खुलासे और गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी को पहले ही जेल पहुंचाया जा चुका है। उसके भाई नवनीत तिवारी को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है, जो फरार चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने हवाला के माध्यम से घोटाले से मिली रकम को देश-विदेश में भेजा और अवैध संपत्तियों में निवेश किया।
सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
570 करोड़ के इस बड़े घोटाले में कई आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है लेकिन साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ छोड़ने का आदेश भी दिया गया है। कोर्ट ने गवाहों को दबाने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है।
570 करोड़ के कोयला लेवी घोटाले ने छत्तीसगढ़ प्रशासन की सिकुड़ती विश्वसनीयता को झकझोर कर रख दिया है। कैसे ऑनलाइन प्रणालियों का गलत इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की जाती है।अब जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो रही है।
