Chhattisgarh CM Emergency Speech: बोले- लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए जरूरी है जन-जागरूकता
Chhattisgarh CM Emergency Speech: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि “लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरुकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।” कार्यक्रम का आयोजन आपातकाल की 50वीं बरसी के अवसर पर किया गया।
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CM साय हुए भावुक
सीएम साय ने कहा कि आपातकाल का कालखंड उनके जीवन से गहराई से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी नरहरि प्रसाद साय ने 19 महीने जेल में बिताए थे। उन्होंने कहा,“वह सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मेरे परिवार की पीड़ा है, जिसे हमने जीया है। उस दौर में लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति बहुत दयनीय थी। कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था।”
युवाओं से आपातकाल का इतिहास पढ़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को समझने के लिए आपातकाल के काले अध्याय को जानना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं से आग्रह है कि वे आपातकाल के इतिहास को पढ़ें, समझें और उससे सीख लें।”
लोकतंत्र सेनानी परिवारों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मानित किया। उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। सरकार द्वारा इन परिवारों को ₹10,000 से ₹25,000 तक की मासिक सम्मान राशि दी जा रही है।
प्रदर्शनी और जन-जागरूकता रैली का आयोजन
मुख्यमंत्री ने आपातकाल पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान हुई मानवाधिकारों की हनन, सेंसरशिप और नागरिक स्वतंत्रता के दमन से जुड़े दस्तावेज व चित्र प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जन-जागरूकता रैली में भाग लेकर नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।
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