chhattisgarh barish kahar bilaspur ambikapur alert: बिलासपुर-अंबिकापुर में कई इलाके डूबे, 17 जिलों में अलर्ट
chhattisgarh barish kahar bilaspur ambikapur alert: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी। अंबिकापुर में करीब 10 घंटे तक हुई तेज बारिश से कुंडला सिटी सहित पॉश कॉलोनियों और निचली बस्तियों में 2-3 फुट तक पानी भर गया। सड़कों पर खड़ी कारें आधी डूब गईं और कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गागर नदी में गिरा ट्रक, चालक-हेल्पर ने बचाई जान
नेशनल हाईवे-343 पर अंबिकापुर-राजपुर मार्ग स्थित गागर नदी के पुल से किराना सामान लदा ट्रक अचानक नदी में गिर गया। गनीमत रही कि ड्राइवर और हेल्पर ने कूदकर अपनी जान बचा ली। बारिश के चलते हसदेव नदी भी उफान पर है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
कोरबा में पुल बहा, सड़कें बंद
कोरबा में लगातार बारिश से वार्ड 13, न्यू अमरिया पारा और चिमनीभठा बस्ती में नालियों का गंदा पानी घरों में घुस रहा है। 20 साल पुराना एक पुल और सड़क तेज बहाव में बह गए। कई गांवों का संपर्क टूट गया है। MCB जिले में हसदेव घाट पर सड़क पर पानी आ गया, जिससे नेशनल हाईवे जाम हो गया है और लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। वहीं, बाढ़ नियंत्रण दल मौके पर नहीं पहुंच पाया है।

बिलासपुर में अरपा उफान पर, घरों में घुसा पानी
बिलासपुर में रविवार सुबह से जारी बारिश ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। पुराना बस स्टैंड, मिशन अस्पताल रोड और सरकंडा जैसे इलाके जलमग्न हो गए। अरपा नदी उफान पर है और उससे सटे निचले इलाकों में पानी घरों में घुस रहा है। नगर निगम के दावों के बावजूद शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।

मौसम विभाग ने 17 जिलों में जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने कोरबा, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार समेत 17 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है। गरियाबंद जिले में राजिम-फिंगेश्वर क्षेत्र में झमाझम बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। पिछले 15 दिनों में गरियाबंद में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
गौरेला-पेंड्रा में भारी नुकसान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे कई एनीकट बह गए हैं। बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण को भारी नुकसान पहुंचा है। कारिआम और जोगीसार के बीच निर्माणाधीन पुलिया के लिए बना बायपास बहकर टूट गया। प्रशासन ने वाहनों का रूट खोडरी और पेंड्रा के वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया है।
बिजली गिरने से लगातार हादसे
बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी लगातार कहर ढा रही है। NDRF की टीम ने 48 घंटे की खोज के बाद शोभराम नामक युवक का शव बरामद किया, जो पानी में बह गया था। कोरबा में भी 40 घंटे बाद युवक की लाश मिली, जो तेज बहाव में बह गया था।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून इस बार जल्दी पहुंचा और 15 अक्टूबर तक रहने की संभावना है। इससे छत्तीसगढ़ में और अधिक बारिश की उम्मीद है।
क्यों गिरती है बिजली?
आसमान में विपरीत एनर्जी वाले बादल आपस में टकराते हैं, जिससे घर्षण से बिजली पैदा होती है। ये बिजली धरती पर गिरते समय ऐसे रास्ते तलाशती है जो उसे जमीन तक ले जाए। इस दौरान कोई व्यक्ति या धातु का खंभा कंडक्टर की तरह काम करता है और हादसे हो जाते हैं।
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