मंत्री दयालदास ने दी सफाई
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने सरकार को धान खरीदी, एनजीओ अनुदानों और खाद सप्लाई के मुद्दों पर कड़ी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान की खरीदी और उसके बाद के नीलामी एवं वितरण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, तो वहीं मंत्री दयालदास बघेल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सभी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ नियमों के तहत पूरी की गई है।
धान की खरीदी और नीलामी पर तीखी बहस
भूपेश बघेल ने विधानसभा में सरकार से पूछा कि खरीदी केंद्रों से उठाए गए धान का आखिरकार क्या हुआ? उन्होंने कहा कि मिलर्स को 1,59,000 मीट्रिक टन धान दिया गया है जबकि संग्रहण केंद्रों में अभी भी 51,000 मीट्रिक टन धान बचा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि नीलामी की कुल मात्रा क्या है और एफसीआई व नान को कितनी मात्रा उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री दयालदास ने दी सफाई
इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि संचारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,25,000 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जिसमें से 1,79,700 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को भेजा गया है। बचा हुआ धान लगभग 51,691 मीट्रिक टन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खरीदी केंद्रों में लगभग 1,000 मीट्रिक टन धान ही मौजूद है और बाकी सभी संग्रहण केंद्रों में पहुंच चुका है।मंत्री दयालदास ने सभी आंकड़ों को पारदर्शी बताया और कहा कि नीलामी और धान के वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप है।
कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने NGO अनुदान की जांच की मांग की
वहीं, कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने सदन में NGO को दिए गए अनुदानों की जांच की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि अगर संस्था महासमुंद में है तो उसका कार्यालय कहां स्थित है और बजट का वास्तविक उपयोग किस काम में किया गया।इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि संस्था की संपर्क जानकारी और बजट उपयोग का ब्यौरा विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा और सभी रिकॉर्ड जांच के लिए खुला रखा जाएगा।
विधायक भैया लाल ने कहा – दी गई जानकारी गलत
विधायक भैया लाल राजवाड़े ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से पूछा कि दिव्यांगों के लिए मिले आवेदन की संख्या में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि 21 आवेदन बताए गए हैं, जबकि असल में यह संख्या इससे अधिक है।मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब दिया कि विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर जिला कोरिया से 21 आवेदन आए हैं। इसके बाद भी विधायक भैया लाल ने स्पष्ट किया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों में यह संख्या
डीएपी खाद की सप्लाई पर विपक्ष का हमला
सत्र के चौथे दिन डीएपी उर्वरक खाद की सप्लाई को लेकर विधानसभा में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्राइवेट सेक्टर को डीएपी देकर किसानों को वंचित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।कांग्रेस के विधायक सदन के गर्भगृह में चले गए, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के इस व्यवहार पर नाराजगी जताई और सदन की कार्रवाई को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि, कुछ समय बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई।
