नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस प्रदर्शन: छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अपने आखिरी दिन हंगामेदार अंदाज में शुरू हुआ। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस विधायकों ने “सत्यमेव जयते” लिखी तख्तियों के साथ सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने तख्तियों के साथ बैठने की अनुमति नहीं दी, जिससे विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बहस और तीखी हो गई।
नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस प्रदर्शन: सदन में तनाव और स्थगन
हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।इसके जवाब में मंत्री अजय चंद्राकर ने विपक्ष के दावों को निराधार करार दिया। विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव भी पेश किया, लेकिन इसे स्पीकर ने खारिज कर दिया। इसके बाद सदन में नारेबाजी और आमने-सामने बहस और भी तेज हो गई। विपक्ष ने “सत्यमेव जयते” के नारे लगाए, तो सत्ता पक्ष ने जवाब में “वंदे मातरम” के नारे लगाए।
नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस प्रदर्शन: स्पीकर की नाराजगी
स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के अमर्यादित व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “लोकहित से जुड़े विषयों पर सदन की कार्यवाही को बाधित करना निंदनीय है। विपक्षी सदस्य सदन की परंपराओं से परिचित हैं, बावजूद इसके उनका आचरण अमर्यादित है। आगे ऐसा व्यवहार न दोहराया जाए।”
35,000 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट
सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसे प्रदेश के विकास को गति देने वाला कदम बताया गया। सत्ता पक्ष ने इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट करार दिया।वहीं, विपक्ष ने इस बजट को बिना ठोस विजन का और वित्तीय वर्ष के आखिरी तीन महीनों में लाने के फैसले पर सवाल उठाया। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत सहायता दी जा रही है, लेकिन बिजली बिल जैसी वसूली से उनका लाभ कम हो रहा है। उन्होंने नए पदों पर भर्ती, नियमितीकरण और किसानों को समय पर भुगतान जैसे वादों के अभी तक पूरा न होने की आलोचना भी की।
